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सार (Khas Baatein)
- गुमला में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी के नेतृत्व में एक सघन जांच अभियान आयोजित किया गया, जिसमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई।
- जांच में कई स्कूली छात्रों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस और हेलमेट के तेज गति से वाहन चलाते पाया गया, जिससे नाबालिगों की लापरवाही पर चिंता जताई गई।
- इस अभियान के दौरान 35 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया और सभी अवैध वाहनों को जब्त किया गया, साथ ही अभिभावकों को चेतावनी दी गई कि नाबालिगों को वाहन देना कानूनन अपराध है।
गुमला में सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासन का सख्त अभियान
गुमला: जिले में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है। 17 मार्च को जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में दुन्दुरिया बस स्टैंड और डीएवी मोड़ पर एक सघन जांच अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई।
स्कूली बच्चों की लापरवाही पर चिंता
जांच के दौरान डीएवी मोड़ के आसपास कई स्कूली छात्र बिना ड्राइविंग लाइसेंस और हेलमेट के तेज गति से बाइक और स्कूटी चलाते पाए गए। नाबालिगों द्वारा नियमों की अनदेखी प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है।
वाहनों की जब्ती और अभिभावकों को चेतावनी
डीटीओ ने तत्परता से सभी अवैध वाहनों को जब्त कर लिया। पकड़े गए छात्रों के अभिभावकों को मौके पर बुलाकर यह चेतावनी दी गई कि नाबालिगों को वाहन देना कानूनन अपराध है और यह बच्चों की सुरक्षा में गंभीर खलल है।
35 हजार रुपये का जुर्माना वसूली
इस अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों से कुल 35 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सड़क नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और सख्त की जाएगी।
बस स्टैंड पर कड़ी जांच
दुन्दुरिया बस स्टैंड पर प्रशासन ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कई बसों में सुरक्षा के लिए आवश्यक सामग्री की कमी पाई गई, जिसके चलते यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठता है। जांच में यह भी पता चला कि कई बसों में अग्निशामक यंत्र और फर्स्ट-एड बॉक्स मौजूद नहीं थे, साथ ही फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रदूषण प्रमाण पत्र भी अव्यवस्थित थे।
चेतावनी देकर छोड़े गए वाहन
कुछ मामलों में पहली गलती मानते हुए वाहन चालकों को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। लेकिन यह स्पष्ट कर दिया गया कि भविष्य में नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता पर जोर
अभियान के अंतर्गत डीटीओ ने बस ड्राइवरों और खलासियों के लिए एक जागरूकता सत्र आयोजित किया। इसमें उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और यात्रियों की सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
डीटीओ का संदेश
ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा ड्राइवरों की सबसे प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नशे में वाहन चलाने से दूर रहने, गति सीमा का पालन करने और ओवरलोडिंग करने से बचने के लिए भी निर्देश दिए।
अभियान की निरंतरता
जिला परिवहन विभाग ने बताया कि यह अभियान निरंतर चलता रहेगा। अब गुमला की सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
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