सीएम से संघर्ष मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल मथुरा महतो एवं विनोद की अगुवाई में मिले
मुख्यमंत्री को जांच अधिनियम 1952 की प्रति एवं उत्तराखंड के आंदोलनकारियों के चिन्हिततीकरण एवं सुविधाएं तथा लाभ दिए जाने से संबंधित प्रतियां उपलब्ध कराये
रांची। झारखंड आंदोलनकारियों के मान-सम्मान, पहचान, नियोजन, पेंशन के मामले को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल सचेतक मथुरा प्रसाद महतो एवं माले विधायक विनोद कुमार सिंह की अगुवाई में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से एक प्रतिनिधिमंडल सौहार्द पूर्ण वातावरण में मिले। मुख्यमंत्री ने झारखंड आंदोलनकारियों के प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर की एवं सकारात्मक पहल करने की बातें कहीं। इस प्रतिनिधिमंडल में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष अश्वनी कुजुर केंद्रीय सचिव किशोर किस्कू, कयूम खान, विनीता अल्पना खलखो, केंद्रीय संयोजक भुनेश्वर केवट,गोपाल रवानी, केंद्रीय प्रवक्ता पुष्कर महतो व दुमका जिला अध्यक्ष कोलेश्वेर सोरेन प्रमुख थे। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया कि आंदोलनकारियों के चिन्हितीकरण का कार्य तेजी से हो तथा आंदोलनकारियों को सुविधाएं एवं लाभ के मामले में त्रिस्तरीय स्तरीय समिति का गठन करने का सुझाव दिया तथा इस समिति में सरकार की ओर से माननीय विधायक गण, गृह सचिव ,मुख्य सचिव, वित्त सचिव एवं विधि सचिव तथा झारखंड आंदोलनकारियों को रखने की बातें कहीं व इस पर चर्चा हुई।साथ ही जाने की बाध्यता को समाप्त किया जाए और सभी झारखंड आंदोलनकारियों को समान रूप से मान-सम्मान ,पहचान नियोजन व पेंशन दिया जाए। इस संदर्भ में संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जांच अधिनियम 1952 की प्रति एवं उत्तराखंड के आंदोलनकारियों के चिन्हिततीकरण एवं सुविधाएं तथा लाभ दिए जाने से संबंधित प्रतियां उपलब्ध कराये। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने अधीनस्थ अधिकारी को इस संबंध में समुचित कार्रवाई हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। दोनों विधायकों ने मुख्यमंत्री से झारखंड आंदोलनकारियों की वर्तमान स्थितियों पर ध्यान आकृष्ट कराया तथा समय बाद चिन्हितीकारण करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने आयोग के सदस्यों को जिला भ्रमण करने और आंदोलनकारियों को चिन्हित करने की भी बातें कहीं। इस मौके पर झारखंड आंदोलनकारी पुष्कर महतो द्वारा लेखक अनुज कुमार सिन्हा के द्वारा झारखंड आंदोलनकारियों की दास्तान शोषण, संघर्ष और शहादत पुस्तक मुख्यमंत्री को भेंट की।
झारखंड आंदोलनकारियों के सुविधा देने पर त्रिस्तरीय कमिटी बनाने पर चर्चा
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!