दीपक प्रकाश, सुरक्षा जमा खोने वाले प्रत्याशी, नीतिश कुमार सरकार में मंत्री बने

by Ananya Singh
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बिहार की राजनीति में रोचक घटनाक्रम

नई दिल्ली: बिहार की राजनीति में इस बार सिर्फ सीटों का फेरबदल नहीं, बल्कि कई दिलचस्प कहानियां भी सामने आई हैं। नीतीश कुमार की सरकार में RLM कोटे से मंत्री बनाए गए दीपक प्रकाश के संबंध में एक अनोखा मामला प्रकाश में आया है। दीपक, जो इस चुनाव में सासाराम विधानसभा सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार के काउंटिंग एजेंट बने थे, उस उम्मीदवार की जमानत भी जब्त हो गई।

निर्दलीय उम्मीदवार का दुर्भाग्य

दीपक प्रकाश ने सासाराम विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले रामायण पासवान के लिए काउंटिंग एजेंट का कार्य किया था। चुनाव परिणाम घोषित होने पर रामायण पासवान को मात्र 327 वोट प्राप्त हुए, जिसके चलते उनकी जमानत जब्त हुई। इसके बावजूद, दीपक की मां स्नेहलता ने इसी सीट से राष्ट्रीय लोकमत के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बनने में सफलता हासिल की।

पद ग्रहण के बाद की भूमिका

हाल ही में आयोजित नीतीश सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में दीपक प्रकाश ने पंचायती राज मंत्री के रूप में शपथ ली। दिलचस्प बात यह है कि जहां उनकी मां स्नेहलता कुशवाहा इस सीट से चुनावी मैदान में थीं, वहीं दीपक निर्दलीय उम्मीदवार रामायण पासवान के काउंटिंग एजेंट के रूप में कार्यरत थे।

चुनाव आयोग की पुष्टि

चुनाव आयोग के रिकॉर्ड बताते हैं कि दीपक प्रकाश की भूमिका एक निर्दलीय प्रत्याशी के अभिकर्ता के रूप में थी। चुनाव आयोग द्वारा जारी पहचान पत्र में उनके इस कार्य की पुष्टि की गई है। रामायण पासवान के नाकाम होने के बावजूद, दीपक प्रकाश मंत्री बनने में सफल रहे।

राजनीतिक चर्चा का विषय

इस मामले के बारे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। दीपक ने हाल ही में मंत्रालय में अपने पदभार को संभाला है। बिहार की राजनीति में काउंटिंग RO की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यह चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा होता है।

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