गाजीपुर एमपीएमएल कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में शनिवार को सुनवाई पूरी कर ली है। इसमें मुख्तार अंसारी और उनके भाई अफजाल अंसारी की गवाही पूरी हो चुकी है। अब इस मामले में कोर्ट 15 अप्रैल को अपना फैसला सुनाएगी।
गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में विचाराधीन गैंगस्टर एक्ट के मामले में बहस पूरी हो गई है। इस मामले में मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) और अफजाल अंसारी की गवाही भी हो चुकी है। कृष्णानंद राय हत्याकांड और रुंगटा अपहरण कांड के बाद हत्या किए जाने को लेकर मुख्तार अंसारी पर गैंग चार्ट बना था। 15 अप्रैल को कोर्ट की ओर से जजमेंट की तारीख तय की गई है।
साल 2007 में कृष्णानंद राय हत्याकांड को लेकर मुख्तार अंसारी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मुकदमे में अफजाल अंसारी और अन्य के नाम भी जोड़े गए थे। बाद में मुख्तार अंसारी के ऊपर गेम चार्ट बनाए जाने के बाद मुख्तार अंसारी पर रूंगटा हत्याकांड का भी मामला शामिल किया गया था।इस मामले में बहस पूरी कर ली गयी है। अब इस केस में 15 अप्रैल को जजमेंट की तारीख तय की गई है।
इस मामले में शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि साल 2005 में विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद 2007 में मुख्तार अंसारी पर विधायक कृष्णानंद राय की हत्या कांड को लेते हुए गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में मुख्तार अंसारी को लेकर गैंग चार्ट तैयार किया गया जिसमें विधायक राय की हत्या के साथ ही रूंगटा हत्याकांड और उनके अपहरण का मामला को लेते हुए दर्ज मुकदमें को भी शामिल किया गया था। इस मामले में शुक्रवार के दिन बहस की गई थी। शेष बहस को शनिवार को पूरा किया गया। अब इस मामले में कोर्ट की ओर से जजमेंट सुनाने की तारीख 15 अप्रैल को नियत की गई है।
कृष्णानंद राय की हत्या 29 नवंबर 2005 को हुई थी। उनकी हत्या उस समय हुई थी जब वह एक स्थानीय क्रिकेट मैच का उद्घाटन कर वापस आ रहे थे। पहले से घात लगाए हथियारबंद लोगों ने उनके काफिले पर हमला कर दिया था। यह हमला मुहम्मदाबाद के समीप बसनियाँ चट्टी पर हुआ था। बताया जाता है कि इस बात की सटीक मुखबिरी हुई थी कि कृष्णानंद राय बिना बुलेट प्रूफ गाड़ी के सफर कर रहे थे। कृष्णानंद राय के काफिले पर हुई अंधाधुंध फायरिंग में कुल 7 लोगों की मौत हुई थी।
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