दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटन्स का सामना, जीटी की चुनौतियाँ

नई दिल्ली: गुरुवार को अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स का मुकाबला गुजरात टाइटन्स से होगा, जो वर्तमान में अंक तालिका में दूसरे सबसे निचले स्थान पर है। शुभमन गिल की कप्तानी वाली यह टीम इस महत्वपूर्ण मैच को जीतने के लिए हर संभव प्रयास करेगी, ताकि वे लीग में अपनी पहली जीत का खाता खोल सकें।

गुजरात टाइटन्स की समस्याएं और मैच में संघर्ष

जब गुजरात टाइटन्स ने आईपीएल में कदम रखा था, तब उन्होंने लीग में अपनी धाक जमाई थी और अपने पहले ही सीजन में ट्रॉफी अपने नाम की थी। लेकिन अब टीम को एक-एक जीत के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रशंसकों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिरकार टीम को ऐसी क्या दिक्कतें आ रही हैं कि वे लगातार हार का सामना कर रही हैं।

1. पावर-हिटिंग का अभाव

गुजरात टाइटन्स के निरंतर हारने का एक बड़ा कारण उनकी टीम में पावर हिटर्स की कमी है। यह सच है कि टीम में ऐसे बल्लेबाज हैं, जो लंबे शॉट्स मार सकते हैं, लेकिन फिलहाल कोई भी बल्लेबाज सही लय में नहीं दिख रहा है। PBKS के खिलाफ टीम का मध्यक्रम 150 के स्ट्राइक रेट से आगे बढ़ने में असफल रहा, जिससे वे 162-6 पर सिमट गए। वहीं RR के खिलाफ साई सुदर्शन (44 गेंदों में 73 रन) को छोड़कर अन्य बल्लेबाज 30 रन के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाए।

2. फिनिशिंग में कमी

गुजरात के बल्लेबाजों को RR के खिलाफ फिनिशिंग टच देने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तुषार के आखिरी ओवर में टीम 11 रन भी नहीं बना पाई। PBKS के खिलाफ अंतिम पांच ओवरों में सिर्फ 34 रन बनाना भी टीम के लिए मुश्किल साबित हुआ।

3. गेंदबाजी की स्थिति चिंताजनक

इस सीजन में गुजरात की गेंदबाजी काफी कमजोर नजर आ रही है। PBKS के खिलाफ 163 रनों का लक्ष्य देने के बाद भी टीम कूपर कॉनॉली (73*) को आउट करने में असफल रही। इस दौरान कागीसो रबाडा की इकॉनमी 11.33 और अशोक शर्मा की 10.33 रही। RR के खिलाफ जीटी के गेंदबाजों ने कुल 210 रन लुटाए। यदि टीम अपनी इन कमियों पर ध्यान दे और सुधार करे, तो वापसी करना उनके लिए मुश्किल नहीं होगा।