नक्सल विरोधी अभियान में शामिल सीआरपीएफ सब इंस्पेक्टर की मौत

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पलामू के डगरा पिकेट में तैनात थे, मौत के कारण का नहीं चला पता

पलामू। नक्सल विरोधी अभियान में तैनात केंद्रीय रिजर्व बल (सीआरपीएफ) के एक सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई। उनकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सब-इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह यादव पलामू के अति नक्सल प्रभावित डगरा पिकेट में तैनात थे। जानकारी के अनुसार भूपेंद्र सिंह यादव रात में खाना खाने के बाद अपने कमरे में जाकर सो गए थे। आज सुबह पिकेट में तैनात जवान जब चाय पीने के लिए उन्हें उठाने गए तो उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भूपेंद्र सिंह यादव सीआरपीएफ 134वी बटालियन में तैनात थे। 134 बटालियन के कमांडेंट ने बताया कि भूपेंद्र सिंह यादव लो मेडिकल प्रोफाइल के थे। उपेंद्र सिंह राजस्थान के जयपुर जिले के भोटवार के रहने वाले थे। वहीं एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि आशंका जताई जा रही है कि हार्ट अटैक से सीआरपीएफ के सब इंस्पेक्टर की मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल पाएगा। उनके मौत से डगरा पिकेट में मातम पसर गया है।

2018 से डगरा पिकेट पर तैनात थे भूपेंद्र सिंहसीआरपीएफ 120 बटालियन मुख्यालय में सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह के शव को सलामी दी जाएगी. उसके बाद शव को गृह जिला भेज दिया जाएगा. भूपेंद्र सिंह यादव 2018 से डगरा पिकेट में तैनात थे. डगरा पिकेट झारखंड और बिहार से बॉर्डर पर है. पिकेट से कुछ ही सौ मीटर की दूरी पर बिहार की सीमा है.

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