डोकलाम और चीनी घुसपैठ पर राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में विवाद, राजनाथ ने पूछा- क्या है विश्वसनीयता

by Ananya Singh
डोकलाम और चीनी घुसपैठ पर राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में हंगामा,राजनाथ ने पूछा- विश्वसनीय है क्या

संसद का बजट सत्र: राहुल गांधी का हंगामेदार बयान

डेस्क: संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को आरंभ हुआ। बजट सत्र के चौथे दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने डोकलाम और चीन के साथ हुई घुसपैठ के मुद्दे को उठाया, जिससे सदन में जोरदार हंगामा हुआ। राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की पुस्तक का संदर्भ देते हुए कहा कि वास्तव में नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ स्थिति गंभीर बनी हुई है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

रक्षा मंत्री से विवादास्पद संवाद

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया, “कौन देशभक्त है और कौन नहीं, यह तब स्पष्ट होता है जब चीनी टैंक हमारे क्षेत्र में घुस आते हैं। जनरल नरवणे ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि चीनी टैंक हमारी पोजिशन से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे।” इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खड़े हुए और उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस पुस्तक की बात कर रहे हैं, वह प्रकाशित नहीं हुई है। राजनाथ ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने सदन को भ्रमित किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस पुस्तक का उल्लेख किया जा रहा है, वह उपलब्ध है या नहीं।

स्पीकर का निर्देश और विपक्ष का रुख

स्पीकर ओम बिरला ने सदन में बोलने का अधिकार को ध्यान में रखते हुए कहा कि नियमों का पालन करना आवश्यक है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि यह पुस्तक सरकार छिपा रही है। इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि विवाद का कारण राहुल गांधी स्वयं बना रहे हैं। जिस पुस्तक की चर्चा हो रही है, वह जनता के सामने नहीं आई है।

विपक्ष की चिंता और संवेदनशीलता

तेजस्वी यादव व्हीलचेयर पर विधानसभा में पहुंचे, जहां NEET छात्रा मामले पर हंगामा हुआ। अखिलेश यादव ने चीन के मुद्दे को संवेदनशील बताते हुए कहा कि यदि विपक्ष के नेता के पास कोई सुझाव है जो देशहित में है, तो उसे साझा करना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री ने इस दौरान कहा कि सदन में शांति बनाए रखना आवश्यक है और मनमानी नहीं चलनी चाहिए।

संसद में नियमों का पालन

संसद में हंगामे के बीच, वेणुगोपाल ने रूल 349 पढ़कर सदस्यता के अधिकारों के बारे में बताया। अमित शाह ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन में जो कुछ कहा गया, वह सत्य नहीं था। सदन के संचालन को सुचारू रखकर सभी को अपने विचार रखने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए।

Have any thoughts?

Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!

Your Opinion on this News...

You may also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More