भारत-बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड में विवाद, नजमुल इस्लाम CFO पद से हटाए गए

by TejaswitaTejaswita Mani
भारत से तनाव के बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड में घमासान, नजमुल इस्लाम की इस बड़े पद से छुट्टी; तमीम इकबाल को कहा था भारतीय एजेंट | Bangladesh Cricket Board director Najmul Islam has remove from position as head of the finance committee

भारत-बांग्लादेश क्रिकेट विवाद में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की कार्रवाई

नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट को लेकर हाल के दिनों में वातावरण काफी उत्तेजित बना हुआ है। इसी संदर्भ में, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपने एक वरिष्ठ अधिकारी पर कार्रवाई की है, जिसने पूरे विवाद को और बढ़ा दिया है। विवादित बयान के कारण बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने नजमुल इस्लाम को फाइनेंस कमेटी के अध्यक्ष के पद से हटा दिया है।

बांग्लादेश का ICC को पत्र

बांग्लादेश ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को दो अलग-अलग पत्र भेजकर अनुरोध किया था कि 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश क्रिकेट टीम के मैच भारत से बाहर स्थानांतरित किए जाएं। इस मांग के बाद से दोनों देशों के क्रिकेट जगत में बयानबाजी तेज हो गई। इसी दौरान, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के निदेशक नजमुल इस्लाम ने एक बयान देकर विवाद को और बढ़ा दिया।

नजमुल इस्लाम का विवादास्पद बयान

रिपोर्ट के अनुसार, नजमुल इस्लाम ने कहा कि अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप से हटता है, तो इससे क्रिकेट बोर्ड को कोई खास आर्थिक नुकसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को नुकसान होगा, क्योंकि उन्हें मैच फीस नहीं मिलेगी। इसके साथ ही, तमीम इकबाल को लेकर उन्होंने अनुचित टिप्पणी की, जिसमें उन्हें भारतीय एजेंट कहा गया। इस पर खिलाड़ियों ने घरेलू टूर्नामेंट के मैचों के बहिष्कार की चेतावनी दे दी। यह विवाद केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय टीम की टी20 विश्व कप में भागीदारी पर भी सवाल उठा दिए हैं।

डायरेक्टर की टिप्पणियों से उपजी आलोचना

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब नजमुल इस्लाम ने कुछ राष्ट्रीय खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता और प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए। उनके इन टिप्पणियों को खिलाड़ियों और पूर्व क्रिकेटरों ने अपमानजनक मानते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर भी इन बयानों की आलोचना की गई, जिससे मामला और बढ़ गया। खिलाड़ियों का कहना है कि इस तरह के बयान सार्वजनिक मंच पर उनके आत्मसम्मान को नुकसान पहुंचाते हैं।

बीसीबी ने स्थिति स्पष्ट की

बढ़ते दबाव के बीच, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए निदेशक की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के बयान को ज्यादाृत प्रवक्ता के अलावा बोर्ड का मत नहीं माना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी की टिप्पणी से क्रिकेट की छवि को नुकसान पहुँचता है, तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

खिलाड़ियों का बहिष्कार की चेतावनी

बयान के बावजूद, खिलाड़ियों का गुस्सा कम नहीं हुआ। कहानियों के अनुसार, खिलाड़ियों ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मैचों के बहिष्कार की धमकी दी। उनका कहना है कि जब तक बोर्ड खिलाड़ियों के सम्मान और सुरक्षा का समर्थन नहीं करता, तब तक वे मैदान पर खेलने के लिए तैयार नहीं हैं। इस स्थिति से घरेलू क्रिकेट के भविष्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

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