गढ़वा। कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह के कांग्रेस छोड़ने के बाद वर्षो से गुस्साएं कार्यकर्ताओं का गुस्सा अब सतह पर आ रहा है। नए प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय के रांची दौरे के क्रम में दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी में उपेक्षा का आरोप लगाया था। अब कार्यकर्ताओं का आक्रोश जिला स्तर पर देखने को मिल रहा है। अब तो कमजोर संगठन के लिए कार्यकर्ता अपने ही पार्टी के मंत्रियों को जिम्मेदार ठहरा रहे है। वे अब सीधे मंत्रियों के सामने अपनी नराजगी जाहिर कर रहे हैं। गढ़वा में इसी नाराजगी का शिकार आज कृषि मंत्री बादल पत्रलेख को होना पड़ा। नए प्रदेश प्रभारी के आदेश के बाद जिला भ्रमण के लिए निकले बादल पत्रलेख को कार्यकतार्ओं ने कहा कि अगर आपमें नैतिकता बची है, तो कांग्रेस पर ध्यान दीजिए, पार्टी को खड़ा कीजिए। नहीं तो इस पद पर रहने का आपका कोई अधिकार नहीं हैं। आप आते हैं और मीटिंग कर अलग से जेएमएम कोटे के मंत्रियों के साथ गुफ्तगू करे चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का जेएमएम के साथ गठबंधन हुआ है विलय नहीं। इसके बाद मंत्री बादल पत्रलेख ने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कहा कि कुछ गलतियां पूर्व में हुई थी। जिससे सभी कार्यकर्ता वाकिफ है। इसी गलती को सुधारने के लिए नए प्रभारी और केंद्रीय नेतृत्व ने सभी मंत्रियों और नेताओं को कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर आपकी बातों को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का काम करेंगे। कुछ समय में सब कुछ ठीक हो जाएगा और कार्यकर्ताओं को पूरा मान सम्मान मिलेगा।
मंत्री के निजी कार्यों में व्यस्त हैं अधिकारी
पूर्व जिला अध्यक्ष आशिक अंसारी ने कहा कि गढ़वा के हर विभाग के अधिकारी मंत्री के निजी काम में व्यस्त हैं। बालू से लेकर हर सरकारी कार्य में मनमानी चल रहा है। लेकिन इसे रोकने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मनमानी के खिलाफ रोक लगाना जरूरी है।
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