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एक नज़र में पूरी खबर
- कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने अशोक खरात के मामले में आरोप लगाया कि उन्हें प्रभावशाली लोगों की रक्षा के लिए बलि का बकरा बनाया जा सकता है।
- नासिक की अदालत ने अशोक खरात की पुलिस हिरासत को बढ़ाकर एक अप्रैल तक कर दिया है, जबकि उनके खिलाफ 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
- खरात के खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं और उनकी जांच में राजनीतिक संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
विजय वडेट्टीवार के गंभीर आरोप, अशोक खरात मामले में बड़ा खुलासा
मुंबई। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने अशोक खरात के मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले का सच सामने आया, तो यह सरकार पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। वडेट्टीवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्वयंभू बाबा अशोक खरात को कुछ प्रभावशाली लोगों की रक्षा के लिए बलि का बकरा बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी आशंका व्यक्त की कि सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया जा सकता है और खरात को गंभीर नुकसान पहुंचाने का खतरा है, जिससे एक ‘एपस्टीन जैसा मामला’ उत्पन्न हो सकता है।
39 विधायकों के संपर्क का मुद्दा
वडेट्टीवार ने कहा कि खरात को कठोर सजा मिलनी चाहिए और उन सभी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने इस मामले में उसकी सहायता की। उन्होंने मंत्री दीपक केसरकर के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें 39 विधायकों के खरात से संपर्क में होने का जिक्र किया गया था। वडेट्टीवार ने मांग की कि इन विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं और केसरकर से जुड़े नामों को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों, चाहे वे विधायक हों या मंत्री, की गहन जांच होनी चाहिए।
पीएम मोदी पर निशाना
इस दौरान वडेट्टीवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय चुनावी राजनीति में अधिक व्यस्त है। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के बीच आवश्यक वस्तुओं, जैसे कि एलपीजी सिलेंडर, के लिए बढ़ती लंबी कतारों का उल्लेख करते हुए सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े किए।
खरात की पुलिस हिरासत बढ़ाई गई
इस बीच, महाराष्ट्र में नासिक की एक अदालत ने बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा अशोक खरात की पुलिस हिरासत को बढ़ाकर एक अप्रैल तक कर दिया है। खरात को 18 मार्च को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब एक महिला ने उन पर तीन साल से अधिक समय तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया। खरात नासिक जिले के मिरगांव में एक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख हैं और कई प्रमुख राजनेताओं के साथ उनके संबंध रहे हैं। अब तक उनके खिलाफ 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें से अधिकांश यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं।
100 से अधिक शिकायतें मिलीं
पुलिस ने बताया कि खरात के खिलाफ जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को हाल के दिनों में 100 से अधिक फोन शिकायतें मिली हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं शामिल हैं। खरात को पिछली पुलिस हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया। लोक अभियोजक शैलेंद्र बागडे ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी सहयोग नहीं कर रहा है।
पानी की जांच और अन्य सबूत
बागडे ने कहा कि कई महिलाएं अब भी शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आ रही हैं और उस ‘पानी या तरल पदार्थ’ की जांच अभी बाकी है, जिसे खरात यौन शोषण से पहले पीड़ितों को बहलाने के लिए देते थे। उन्होंने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन डेटा की जांच की गई है और ‘क्लोन रिपोर्ट’ प्राप्त हो चुकी है।
राजनीतिक संपर्कों की जांच जारी
अभियोजक ने अदालत को सूचित किया कि यह भी जांच की जाएगी कि क्या खरात ने अपने राजनीतिक संपर्कों के नाम फर्जी पहचान के साथ अपने फोन में सेव किए थे। सरकारी वकील ने कहा कि विस्तृत जांच के लिए तीन और दिन की हिरासत की आवश्यकता है। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील सचिन भाटे ने कहा कि एसआईटी वही तर्क दे रही है जो पहले की सुनवाई में पेश किए गए थे और उन्होंने आरोप लगाया कि जांच पूरी हो चुकी है।
एक पीड़ित का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील एम वाई काले ने खरात की पुलिस हिरासत बढ़ाने के अभियोजक की मांग का समर्थन किया। सुनवाई के बाद, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एम वी भराडे ने खरात की पुलिस हिरासत एक अप्रैल तक बढ़ा दी।
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