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एक नज़र में पूरी खबर
- सीएम हेमंत सोरेन का दिल्ली दौरा असम विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) असम चुनाव में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए सक्रियता से भाग लेगा।
- जेएमएम ने जय भारत पार्टी के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने की घोषणा की है और लगभग 31 से 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई है।
सीएम हेमंत सोरेन का दिल्ली दौरा: असम चुनाव की तैयारी
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को अपनी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ दिल्ली के लिए सफर किया। असम विधानसभा चुनाव 2026 को देखते हुए उनका यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 23 मार्च 2026 है, जिससे इस यात्रा से गठबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने की उम्मीद है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा की चुनावी रणनीति
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) असम चुनाव में सक्रिय रूप से भाग लेने की योजना बना रहा है। पार्टी आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। हाल ही में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के विभिन्न क्षेत्रों में रैलियों का आयोजन किया और आदिवासी समुदाय को एकजुट होने का संदेश दिया।
गठबंधन पर चर्चाएं जारी
जेएमएम और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन सीट बंटवारे पर सहमति अभी तक नहीं बनी है। दिल्ली में सीएम सोरेन कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिलकर अंतिम निर्णय ले सकते हैं।
तीसरे मोर्चे की तैयारी
जेएमएम ने पहले ही जय भारत पार्टी के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने की घोषणा की है और पार्टी असम विधानसभा चुनाव में लगभग 31 से 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। असम विधानसभा चुनाव 2026 का कार्यक्रम इस प्रकार है: नामांकन की अंतिम तिथि 23 मार्च 2026, मतदान 9 अप्रैल 2026, और नतीजे 4 मई 2026।
मुख्यमंत्री का यह दौरा जेएमएम के लिए असम में अपनी पहचान बनाने और विपक्षी दलों के साथ रणनीति तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
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