पैसे के लिए हर दिन जान से खिलवाड़
कोयला व्यवसायी बन गांडीव रिपोर्टर ने किया पूरे खेल का खुलासा
खलारी/डकरा। चंद रुपयों के लालच में जान हथेली पर लेकर कैसे काम होता है, यह देखना हो तो सीसीएल के एनके एरिया चले आईये। कोयला स्टॉक प्वाइंट में आम आदमी के नो इंट्री के बावजूद हर दिन सैकड़ों मजदूर ट्रकों में कोयला लोड करते हैं। कोल अधिकारियों और व्यवसायी के गठजोड़ से हो रहे इस खेल में मजदूरों को तो महज चंद सौ रुपये ही मिल पाते हैं, लेकिन अधिकारी-व्यवसायी हर दिन सीसीएल को 15 करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लगा रहे हैं। कोयला व्यवसायी बनकर कोल स्टॉक में पहुंचकर इस पूरे खेल को गांडीव रिपोर्टर ने अपने कैमरे में कैद किया है।
एनके एरिया के पुरनाडीह कोल स्टॉक में गलत सिस्टम से कोयले की सप्लाई की जा रही है। पुरनाडीह में रनिग आफ माइंस (आरओएम) कोयला का उठाव के लिए ई आॅक्शन बिडिंग किया जाता है, लेकिन कोयला कारोबारी सीसीएल कर्मचारियों एवं अधिकारियों के साठगांठ से स्टॉक से मजदूरो के द्वारा हैंड लोडिंग कराकर स्टीम कोयला (बड़ा बोल्डर) कोयला चुन कर लोडर मशीन के माध्यम से ट्रक में लोड करा रहे है। जबकि स्टॉक मे सीसीएल कर्मचारियों के अलावे किसी बाहरी व्यक्ति का जाना वर्जित है। क्योंकि कोयले के हाईवाल में हॉलपेक और डोजर जैसी भारी मशीने चलती रहती है। जिससे दुर्घनाएं होने की संभावना बनी रहती है। एक ट्रक में 25 टन आरओएम की जगह स्टीम कोल लोड होने से मंडी में उसकी कीमत 1.37 लाख की जगह तीन लाख हो जाती है। इस गोरखधंधे में सीसीएल के डम्फर आॅपरेटर से स्टॉक के मुंशी, डिस्पेच अधिकारी, कांटा स्टाफ एवं अधिकारी संलिप्त रहते हंै। इस धंधे को सुचारू रूप से चलाने के लिए कोयला कारोबारी सारे सिस्टम को मैनेज करते हैं।
क्या कहते है जिम्मेवार
पुरनाडीह के डिस्पैच अफसर मोहन शर्मा पहले तो ऐसे किसी लोडिंग से साफ इंकार करते हैं, पर जब उन्हें सबूत बताया जाता है तो कहते हैं कि ऐसा हो रहा है तो इसे रोकने का प्रयास करेंगे।
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