Table of Contents
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
जमशेदपुर में साहित्यिक संध्या “कलम का कारवां” का आयोजन
जमशेदपुर के साहित्य प्रेमियों के लिए एक विशेष कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है। यह साहित्यिक संध्या, जिसे “कलम का कारवां” नाम दिया गया है, बिष्टुपुर क्षेत्र में 21 फरवरी, शनिवार को शाम 5 बजे से 7 बजे तक आयोजित होगी। इस अद्वितीय आयोजन का लक्ष्य है कि विभिन्न प्रसिद्ध लेखक अपने जीवन के अनुभवों और संघर्षों को साझा करें।
साहित्यकारों का अनुभव साझा करना
इस मंच पर कई प्रतिष्ठित साहित्यकार एकत्रित होंगे, जो अपनी व्यक्तिगत ज़िंदगी की कुछ कठिनाइयों और संघर्षों को दर्शाएंगे। यह केवल रचनाओं का पाठ नहीं होगा, बल्कि उनके पीछे की कहानियों पर प्रकाश डाला जाएगा। इस कार्यक्रम में लेखक अपनी आरंभिक अस्वीकृतियों, आत्म-संदेह, और अन्य चुनौतियों के बारे में खुल कर बात करेंगे।
युवा लेखकों के लिए प्रेरणा
“कलम का कारवां” का उद्देश्य नए लेखकों के लिए प्रेरणा बनना है। जब अनुभवी लेखक अपनी कहानियां साझा करते हैं, तो यह नए और युवा लेखकों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस तरह के अनुभव, जो किसी लेखक की पहचान से पहले के होते हैं, उन्हें सच्चाई और मानवीयता के साथ समझने का अवसर देते हैं।
सामाजिक और मानवीय पहल
इस कार्यक्रम में साहित्य को जीवन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि साहित्य केवल सुंदर शब्दों की बुनाई नहीं है, बल्कि यह अनुभव और संघर्षों से उपजी वास्तविकता है। साहित्यसिंधिका के संस्थापक, अंशुमन भगत के अनुसार, यह आयोजन जमशेदपुर के साहित्यिक परिदृश्य में एक नया संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण होगा।
इस विशेष साहित्यिक संध्या को लेकर शहर के साहित्य प्रेमियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। उम्मीद है कि यह कार्यक्रम ना केवल साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाएगा, बल्कि समुदाय में भी आपसी संवाद को प्रोत्साहित करेगा।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!