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कांग्रेस की चुनावी तैयारी में नई रणनीतियाँ
नई दिल्ली। हाल ही में विभिन्न चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी ने अपनी रणनीतियों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। पार्टी ने केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुच्चेरी के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। प्रियंका गांधी को असम में स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस क्रम में, केरल में मधुसूदन मिस्त्री, तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के लिए टीएस सिंह देव, और पश्चिम बंगाल के लिए बीके हरिप्रसाद को चेयरमैन बनाया गया है।
राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की स्थितियाँ
पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच होने की संभावना है। वहीं, तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी, जहाँ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही गठबंधनों में शामिल हैं। असम में कांग्रेस की मुख्य लड़ाई भाजपा के खिलाफ होगी, जिसके लिए प्रियंका गांधी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
असम में सत्ता का लक्ष्य
कांग्रेस पार्टी असम में भाजपा से सत्ता छीनने की योजना बना रही है, जहां भाजपा 2016 से शासन कर रही है। पार्टी एंटी-इनकंबेंसी का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे, गौरव गोगोई, को आगे बढ़ाने की संभावना है। वर्तमान में वे लोकसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हैं।
प्रियंका गांधी का असम में विशेष दायित्व
प्रियंका गांधी के लिए असम एक महत्वपूर्ण राज्य है, क्योंकि यह पहली बार है जब गांधी परिवार के किसी सदस्य को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। स्क्रीनिंग कमेटी की भूमिका उम्मीदवारों की संभावित सूची को पार्टी की केंद्रीय समिति के पास भेजना है, जहाँ उन पर मुहर लगाई जाती है। गांधी के करीबी माने जाने वाले इमरान मसूद और सप्तगिरि शंकर को भी इस समिति में शामिल किया गया है।
हाल के चुनावी इतिहास
असम के पिछले विधानसभा चुनाव में, एनडीए ने 126 में से 75 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस के गठबंधन ने 50 सीटें हासिल की थीं। दोनों के बीच सीटों का अंतर बहुत कम था, और वोट शेयर में केवल 1.6% का अंतर मौजूद था। यह सुरक्षा स्थिति कांग्रेस के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है।
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