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एक नज़र में पूरी खबर
- जामताड़ा में आयुष्मान भारत योजना के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें अस्पताल ने 500 से 600 ऑपरेशन का दावा किया था।
- उपायुक्त रवि आनंद ने अस्पताल को सील करने और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की, साथ ही सभी मरीजों को डिस्चार्ज करने का आदेश दिया।
- इस घटना की चर्चा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के गृह जिले में होने के कारण बढ़ गई है, और प्रशासन ने आम जनता की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जामताड़ा में आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा: 600 मोतियाबिंद ऑपरेशन की जांच
जामताड़ा, 27 मार्च: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के गृह जिले जामताड़ा में आयुष्मान भारत योजना के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन में व्यापक फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जिले के उपायुक्त रवि आनंद ने शिकायतों के आधार पर सिटी हॉस्पिटल (सिटी मेडिसिन सेंटर) का निरीक्षण किया और वहां अनियमितताएं पाए जाने पर अस्पताल को तुरंत सील करने का निर्णय लिया।
जांच के दौरान मिली अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान, जांच टीम ने ऑपरेशन थियेटर, सीसीटीवी फुटेज, मरीजों के रजिस्टर और अस्पताल परिसर का गहन अध्ययन किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अस्पताल ने एक महीने में 500 से 600 मोतियाबिंद ऑपरेशन का दावा किया था, लेकिन मरीजों के नाम और फोन नंबरों की सत्यता की जांच में कई विसंगतियां सामने आईं। कई मोबाइल नंबर अन्य राज्यों के पाए गए, जिससे आयुष्मान कार्ड से जुड़े दावों में अंतर स्पष्ट हुआ।
सख्त कार्रवाई और भविष्य की योजनाएं
उपायुक्त रवि आनंद ने अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को डिस्चार्ज करने का आदेश दिया और अस्पताल को सील करने के साथ ही लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। निरीक्षण के दौरान कई अन्य अनियमितताएं भी उजागर हुईं, जैसे कि अस्पताल में डॉक्टरों का अनुपस्थित होना। इसके अलावा, मंगलम नेत्रालय में भी आयुष्मान योजना से संबंधित गड़बड़ियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की सक्रियता और विपक्ष की प्रतिक्रिया
इस घटना की चर्चा इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि जामताड़ा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का गृह जिला है। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। उपायुक्त की यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता के प्रतीक के रूप में देखी जा रही है, लेकिन यह विपक्षी दलों के लिए स्वास्थ्य विभाग में चल रहे बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला बन सकता है। जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि आम जनता की शिकायतों पर तुरंत ध्यान दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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