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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में स्विंग गेंदबाजी के चर्चा के दौरान भुवनेश्वर कुमार का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है। आज उनके जन्मदिन पर हम उनके क्रिकेट करियर की विशेषताओं और उपलब्धियों का जिक्र करते हैं। भुवी ने जितने समय तक टीम का हिस्सा रहे, उन्होंने हमेशा टीम को महत्वपूर्ण जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी तेज़ रफ्तार वाली गेंदबाजी के बिना भी बल्लेबाजों को दिक्कत में डालने की क्षमता उन्हें अनूठा बनाती है।
क्रिकेट प्रेमियों को आज भी वह ऐतिहासिक पल याद है जब 12 साल पहले लॉर्ड्स के मैदान पर भुवनेश्वर कुमार की जादुई स्विंग ने इंग्लैंड को परेशान किया और भारत को memorable जीत दिलाई थी।
धोनी के भरोसेमंद स्विंग मास्टर
भुवनेश्वर कुमार को एमएस धोनी की कप्तानी में अपने कौशल दिखाने का मौका मिला। धोनी अक्सर उन्हें नई गेंद सौंपते थे, क्योंकि वे इनस्विंग और आउटस्विंग दोनों में माहिर थे। खासतौर पर उनके इनस्विंगर ने बल्लेबाजों के लिए अनेक मुश्किलें खड़ी कीं। इसके चलते भुवी ने न सिर्फ शुरुआती विकेट निकालने में सफलता पाई, बल्कि पुरानी गेंद से भी रन रोकने और साझेदारियों को तोड़ने में सक्षम रहे।
लॉर्ड्स 2014: करियर का सुनहरा अध्याय
क्रिकेट प्रेमियों के लिए 2014 का साल सदैव यादगार रहेगा। 17 जुलाई 2014 को लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच ने एक अनोखी कहानी प्रस्तुत की। इस दिन भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 295 रन बनाए। फिर भुवनेश्वर कुमार ने गेंदबाजी में ऐसे कमाल किया कि इंग्लैंड की टीम पहली पारी में मात्र 319 रन पर सिमट गई। भुवी ने 31 ओवर में 10 मेडन डालते हुए 6 विकेट झटके।
दूसरी पारी में भारत ने 342 रन बनाते हुए इंग्लैंड को 223 रन पर रोककर 95 रन से ऐतिहासिक जीत हासिल की। भले ही यह जीत सीरीज नहीं जीत पाई, लेकिन इस मैच का नाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अमर हो गया।
2022 में आखिरी बार नीली जर्सी
स्विंग मास्टर भुवनेश्वर अब भारतीय टीम के योजनाओं से बाहर हैं। उनकी वापसी की उम्मीदें समाप्त हो चुकी हैं। उन्हें आखिरी बार नवंबर 2022 में टी20 क्रिकेट में खेलते हुए देखा गया था, जिसके बाद उन्हें फिर से खेलने का मौका नहीं मिला।
कुछ ऐसा रहा क्रिकेट करियर
भुवनेश्वर कुमार के क्रिकेट करियर पर प्रकाश डालें तो उन्होंने 21 टेस्ट मैच खेले, जिनमें उन्होंने 63 विकेट चटकाए। वहीं, एकदिवसीय क्रिकेट में उनके नाम 121 मैचों में 141 विकेट हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/42 रहा। इसके अलावा, टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 87 मैचों में 90 विकेट अपने नाम किए हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि भुवी एक अनुभवी गेंदबाज हैं, हालाँकि वे लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट के लिए सक्रिय नहीं रह सके। भुवी ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में की थी।
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