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बाबूलाल मरांडी को झारखंड हाईकोर्ट से मिली राहत
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के लिए महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। जस्टिस एके चौधरी की अदालत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के संबंध में बाबूलाल मरांडी के खिलाफ दायर सभी पांच प्राथमिकी को निरस्त कर दिया।
अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने झामुमो सांसद महुआ माजी के बेटे सोमवित माजी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बाबूलाल मरांडी की तरफ से वकील अजीत कुमार, आकाश कुमार और पार्थ जालान ने अदालत में आपत्तियां पेश कीं, जिसमें उन्होंने बताया कि आरोप न तो मानहानि की श्रेणी में आते हैं और न ही यह सामाजिक वैमनस्य को बढ़ावा देने वाले हैं।
राज्य में राजनीतिक विद्वेष की बात
मारंडী के वकीलों ने यह भी कहा कि यह मामले राजनीतिक विद्वेष से भरे हैं और किसी आपराधिक मानसिकता से प्रेरित नहीं हैं। उनके बयान के मामले में संबंधित धाराएं लागू नहीं होती हैं, इसलिए सभी प्राथमिकी को निरस्त किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि बाबूलाल मरांडी ने एक यूट्यूब चैनल पर दिए साक्षात्कार में राज्य में भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने हेमंत सोरेन परिवार का उल्लेख करते हुए कई उदाहरण भी दिए थे। इस बयान के खिलाफ झामुमो कार्यकर्ताओं ने लोहरदगा, सिमडेगा, साहिबगंज और कांके सहित कई थानों में प्राथमिकी दर्ज की थी।
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