PESA नियमावली 2026 पर जागरूकता अभियान, भारत आदिवासी पार्टी ने गांववालों को अधिकारों से कराया परिचित

by PragyaPragya
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📌 गांडीव लाइव डेस्क:

झारखंड में PESA नियमावली 2026 पर जागरूकता अभियान

सिमडेगा: केरसई प्रखंड के टैसेर गांव में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने झारखंड PESA नियमावली 2026 के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता पारंपरिक ग्राम सभा के अध्यक्ष सेरर्यकुश टोप्पो ने की, जिसमें पदाधिकारी, बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।

आम लोगों को दी गई जानकारी

इस अभियान में ग्रामीणों को PESA नियमावली के मुख्य प्रावधानों की गहन जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में पारंपरिक ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों, स्वशासन के सिद्धांत और जल, जंगल, जमीन पर अधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, ग्राम सभा की स्थानीय प्रशासन में भूमिका, विकास योजनाओं की स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण के पूर्व अनिवार्य परामर्श, और पारंपरिक रीति-रिवाजों के संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

नेताओं के विचार

इस मौके पर, भारत आदिवासी पार्टी के जिलाध्यक्ष अमृत चिराग तिर्की ने बताया कि PESA नियमावली 2026 से पारंपरिक ग्राम सभाओं को अधिक सशक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा ज़िले के लगभग 451 गांवों में इस तरह के अभियान चलाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण लोग इस कानून के तहत अपने अधिकारों और शक्तियों के प्रति जागरूक हो सकें।

महासचिव अलेक्स जॉनसन केरकेट्टा ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि PESA कानून, पारंपरिक ग्राम सभाओं की आत्मा है। उन्होंने कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन से जल, जंगल, जमीन और स्थानीय संस्कृति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। ग्रामीणों से उन्होंने पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने और विकास योजनाओं में भागीदारी निभाने की अपील की।

कार्यक्रम का समापन

यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिसमें सभी ने अपने विचार साझा किए। भारत आदिवासी पार्टी ने भविष्य में भी इसी तरह के जागरूकता अभियानों को जारी रखने का संकल्प लिया है।

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