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Mastercard का नया एआई जिनेवा: भारत में एजेंटिक कॉमर्स ट्रांजैक्शन
भारत में डिजिटल पेमेंट का इकोसिस्टम अत्यधिक तेजी से विकसित हो रहा है। हाल ही में, India AI Impact Summit 2026 में, Mastercard ने भारत में पहली बार ‘एजेंटिक कॉमर्स’ ट्रांजैक्शन का सफल डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया। इस पहल के तहत, एआई एजेंट उपयोगकर्ताओं की ओर से सुरक्षित और टोकनाइज्ड शैली में भुगतान कर सकेंगे। Mastercard का लक्ष्य एआई कंपनियों, फिनटेक, और व्यापारियों के साथ मिलकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में AI-आधारित वाणिज्य को गति देना है।
पहले ट्रांजैक्शन का विवरण
पहला ट्रांजैक्शन Mastercard कार्ड्स के माध्यम से हुआ, जिन्हें Axis Bank और RBL Bank द्वारा जारी किया गया था। ये टोकनाइज्ड एजेंटिक खरीदारी Cashfree Payments, Juspay, PayU, और Razorpay जैसे भुगतान एग्रीगेटर्स की मदद से की गई। इसमें भाग लेने वाले व्यापारियों में Swiggy, Instamart, Vi और Tira जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।
यह प्रणाली Mastercard के ‘एजेंट पे फ्रेमवर्क’ पर अधारित है, जो टोकनाइजेशन और सुरक्षा के मानकों को परिभाषित करता है। भविष्य में, उपयोगकर्ताओं को अपनी पसंद के एआई एजेंट चुनने की क्षमता भी मिलेगी, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी और बड़े पैमाने पर उपयोग संभव हो सके।
AI एजेंट के जरिए पेमेंट में संभावित जोखिम
Mastercard AI Garage के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नितेंद्र राजपूत ने बताया कि वित्तीय ट्रांजैक्शन के लिए AI एजेंट को अनुमति देने में कुछ जोखिम हो सकते हैं। सबसे बड़ा खतरा “मिसअलाइंड ऑप्टिमाइजेशन” का है, जिसमें AI ग्राहक के हितों से समझौता करते हुए स्पीड और एफिशिएंसी को प्राथमिकता दे सकता है। दूसरा खतरा “कास्केडिंग एरर्स” है, जिसमें स्वचालन की वजह से छोटी गलतियाँ बड़े नुकसान में बदल सकती हैं।
तीसरा जोखिम ओवर-रिलायंस का है, जहाँ उपयोगकर्ता AI के निर्णयों पर अनावश्यक भरोसा करने लगते हैं। इन जोखिमों से निपटने के लिए, सिस्टम में स्पष्टता, निरंतर निगरानी, स्वतंत्र ऑडिटिंग, और मानवीय निगरानी महत्वपूर्ण होगी।
AI से धोखाधड़ी का सामना कैसे करें
वर्तमान समय में, धोखेबाज भी AI का उपयोग कर रहे हैं। मास्टरकार्ड का कहना है कि उनके धोखाधड़ी मॉडल “Mixture of Experts” दृष्टिकोण पर कार्य करते हैं, जिसमें कई AI इंजन एक साथ काम करते हैं। यह मॉडल लगातार विकसित होते रहते हैं, जिससे वे धोखेबाजों से एक कदम आगे रहते हैं। इस रणनीति के माध्यम से, अरबों डॉलर की धोखाधड़ी रोकने में सफलता मिली है।
भारत की डिजिटल विविधता और विभिन्न उपकरणों के साथ, स्थानीय AI मॉडल तैयार किए जा रहे हैं, ताकि सिस्टम न केवल प्रतिक्रियात्मक बल्कि संरचनात्मक रूप से भी मजबूत हो।
डेटा लोकलाइजेशन और AI प्रशिक्षण पर प्रभाव
डेटा लोकलाइजेशन से संबंधित बहसें वित्तीय सेवाओं में AI सिस्टम को नया आकार दे रही हैं। Mastercard का कहना है कि प्राइवेसी और नियामक अनुपालन उनके लिए नॉन-कॉम्प्रोमाइजिंग हैं। इसका मतलब है कि AI मॉडल के प्रशिक्षण, निगरानी और कार्यान्वयन में राष्ट्रीय डेटा सीमाओं का सम्मान किया जाएगा।
हालांकि, धोखाधड़ी के मामले में कुछ पैटर्न पहले वैश्विक स्तर पर दिखते हैं, जिसके कारण कंपनी ग्लोबल एल्गोरिदम को स्थानीय डेटा के साथ मिलाकर हाइब्रिड मॉडल अपनाती है।
भारत की विशेषताएँ
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में भारत में क्रेडिट कार्ड खर्च ₹2.12 लाख करोड़ तक पहुंच गया। डिजिटल पेमेंट विशेष रूप से छोटे शहरों और गांवों में तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत ने यह साबित किया है कि बड़े पैमाने पर भी डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाई जा सकती है। यही कारण है कि AI-आधारित पेमेंट सिस्टम के लिए भारत एक प्रमुख परीक्षण स्थल बन चुका है।
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