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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
हिंदी सिनेमा के मशहूर हास्य अभिनेता का लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन
हिंदी सिनेमा के जाने-माने हास्य अभिनेता गोवर्धन असरानी का निधन सोमवार शाम 4 बजे हुआ। वे 84 वर्षों के थे और उनके भतीजे अशोक असरानी ने इस दुखद खबर की पुष्टि की।
असरानी का जीवन और करियर
राजस्थान के जयपुर में जन्मे असरानी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर से प्राप्त की। इस बहुपरकारी अभिनेता ने 50 वर्ष से अधिक समय तक फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहकर 350 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उनकी मृत्यु से सिनेमा जगत और उनके प्रशंसक गहरा शोक मना रहे हैं।
हास्य का बादशाह: असरानी का योगदान 🎭
1970 के दशक में, असरानी ने अपने करियर के सर्वोत्तम क्षणों का अनुभव किया, जहां वे एक करेक्टर एक्टर के रूप में आगे बढ़े। ‘मेरे अपने’, ‘कोशिश’, ‘बावर्ची’, और ‘शोले’ जैसी कालजयी फिल्मों में उनके हास्य भरे संवाद और समय प्रबंधन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से 1975 की फिल्म ‘शोले’ में जेलर का किरदार निभाकर उन्होंने सांस्कृतिक पहचान बनाई।
बहुमुखी प्रतिभा: फिल्म निर्देशन से लेकर अभिनय तक 🎬
असरानी ने अभिनय के अलावा फिल्म निर्माण के अन्य क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 1977 की फिल्म ‘चला मुरारी हीरो बनने’ में लेखन, निर्देशन और मुख्य भूमिका निभाई। इसके साथ ही, ‘सलाम मेमसाहब’ (1979) जैसी फिल्मों का सफल निर्देशन किया। 1970-80 के दशक में गुजराती सिनेमा में उनके लीड रोल ने उन्हें आकर्षक लोकप्रियता दिलाई। हाल ही में, ‘धमाल’ सीरीज में उनकी उपस्थिति ने नई पीढ़ी को प्रभावित किया।
सिनेमा का एक युग समाप्त: असरानी की विरासत
फिल्म इंडस्ट्री ने असरानी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी विरासत के रूप में हास्य और बहुपरकारी प्रतिभा जीवित रहेगी। उनके निधन से सिनेमा का एक युग समाप्त हो गया है।
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