डेस्क: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई में निगरानी टीम ने सहायक निदेशक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सहायक निदेशक परमजय कुमार को 5 लाख रुपये की घूस लेते पकड़ा। इस कार्रवाई का नेतृत्व निगरानी डीएसपी पवन कुमार ने किया, जहां नियोजन भवन स्थित कार्यालय परिसर में जाल बिछाया गया और कार में नोटों का बंडल लेते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
भ्रष्टाचार का मामला
डीएसपी पवन कुमार ने जानकारी दी कि आरोपी सहायक निदेशक के खिलाफ उनके कार्यालय के उप निदेशक ओमप्रकाश द्वारा रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद मामले की सत्यापन प्रक्रिया शुरू की गई और आज इसे ट्रैप कर लिया गया। यह कार्रवाई पटना के नियोजन भवन स्थित कार्यालय परिसर में की गई, जहाँ विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को पकड़ा। आरोप है कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से संबंधित बजट के लिए पैसे की मांग की जा रही थी।
गिरफ्तारी का असर
गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। वहीं, गिरफ्तार व्यक्ति ने इसे एक साजिश के तहत होने का दावा किया है। इस घटना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और मजबूत करने में निगरानी विभाग की भूमिका की पुष्टि की है।
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