रांची। फेलिक्स टोप्पो और थोओडर मसकरेनस क्रिश्चियन ने क्रिश्चियन धर्मलंबियों महाधर्मप्रांतीय एवं धर्मसंघी पुरोहितों ने इसको लेकर संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि इस बार गरीबों के साथ क्रिसमस मनाया जाएगा। आर्च बिशप फेलिक्स टोप्पो की ओर से इस बार क्रिश्चियन समुदाय के लोगों को यह सूचना जारी की गयी है। जिसमें कहा गया है कि इस बार केक और गुलदस्ता लाने के बजाए उन पैसों का इस्तेमाल गरीब लोगों की मदद करने में करें। उन्होंने कहा कि यह क्रिसमस पूरी तरह से गरीबों की सेवा और प्रार्थना में बीतेगी। क्रिसमस को लेकर आर्चबिशप ने संदेश दिया कि क्रिसमस के मौके पर गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच 20 रिक्शा और 32 सिलाई मशीन का वितरण किया जाएगा। जानकारी देते आर्च बिशप क्रिसमस को लेकर सभी गिरजाघरों में साथ-साथ 24 दिसंबर की रात पवित्र मिस्सा की आॅनलाइन ब्रॉडकास्टिंग की जाएगी. कोविड-19 के मद्देनजर सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इसलिए अलग-अलग चर्चा में को अलग-अलग टाइम में बुलाकर पवित्र मिस्सा कराया जा रहा है। यह वर्ष क्रिसमस मनाने को लेकर उत्साह भी देखा जा रहा है। रांची के गिरजाघरों में क्रिसमस की तैयारी एक महीने से तैयारी चल रही है. लेकिन कोविड-19 के मद्देनजर क्रिसमस थोड़ा अलग होगा। सहायक बिशप थोओडर मसकरेनस ने संदेश दिया कि क्रिसमस गरीबों के साथ मनाना चाहिए। क्योंकि प्रभु ईसा मसीह गरीब के घर में पैदा हुए थे. यह गरीबों के लिए एक संदेश भी देती है। उन्होंने कहा कि इस क्रिसमस को गरीबों के बीच मनाकर इसे यादगार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्योंकि मनुष्य ईश्वर की संतान हैं और ईश्वर अपने सभी संतानों से प्रेम करते हैं। इसलिए हर इंसान को एक-दूसरे के दुख दर्द में शामिल होना चाहिए।
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