सभी आवंटन वर्ष 2016 से लेकर वर्ष 2018 मार्च तक, कपंनी पर दर्ज है लाखों के ठगी केस
रांची। माइनिंग को लेकर ईडी द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों के डीएमओ से लगातार पूछताछ की जा रही है।
ईडी गलत तरीके से माइनिंग लीज देने में डीएमओ और अन्य अधिकारियों की भूमिका खंगाल रही है। इसी बीच गांडीव को सूचना मिली है कि रांची में भी वर्ष 2016 से मार्च 2018 के बीच जिला खनन विभाग द्वारा एक ही व्यक्ति को आठ स्टोन माइंस का लीज दिया गया। आठ से अधिक लीज लेने वाले व्यक्ति का नाम है नीरज कुमार सिंह जो मूल रूप से पटना के रहने वाले है। फिलहाल उनका ठिकाना नामकुम के वीनंदिनी अपार्टमेंट के बी ब्लॉक में है। इसका स्थायी पता भेजपुर हाउस पटना है। नीरज कुमार सिंह जेपीएल इंटरप्राइजेज के नाम से कंपनी चलाते है। पटना के रहने वाले नीरज कुमार सिंह ने वर्ष 2016 से 2018 के बीच एक पूर्व आईपीएस के नाम का धौंस दिखाकर सभी लीज अपने नाम से करवाया है। पूर्व आईपीएस के धौंस का ही असर था कि 17 नवंबर 2016 को एक ही दिन में नामकुम में दो माइंस और इसके अगले दिन फिर एक माइंस नामकुम में ही दे दिया गया। बताया जाता है कि वह अपने पास माइंस होने का नाम पर कई व्यापारियों को पार्टनर बनाने का झांसा देकर लाखों की ठगी कर चुका है। खान एवं भूतत्व विभाग के संज्ञान में आने के बाद विभाग की ओर से सचिव ने जेपीएल इंटरप्राइजेज को आवंटित खदानों की जांच कराने का निर्णय लिया है। खान निदेशक अमित कुमार ने कहा कि कैसे एक ही व्यक्ति को आठ से अधिक स्टोन माइंस आवंटित किये गये। किसके कहने पर दिये गये। इसको लेकर जल्द ही जिला खनन पदािधकारी रांची से रिपोर्ट मंगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मात्र एक माइंस है आपरेशनल, बाकी सब है बंद
यह खदान 2016 से मार्च 2018 के बीच दिए गए। इसमें से एक ही खदान अभी आपरेशनल है। बाकी के काम अभी बंद है। यह जांच का विषय है कि कैसे इस व्यक्ति को बगैर किसी के्रडेंशियल के राज्य सरकार ने आठ से अधिक पत्थर के खदान आवंटित कर दिए गए है।
आनर और पार्टनर पर लालपुर थाना में दर्ज है ठगी का केस
पिछले दिनों जेएएस एसोसिएट्स के पार्टनर जय शंकर कुमार, सत्येंद्र कुमार सिंह उर्फ गुड्डु एवं अमीत आशीष उर्फ डिम्पू ने आनर के साथ मिलकर अल्फा माईंस एंड मिनरल्स से लगभग 51 लाख रुपए की ठगी कर चुके हैं। इस संबंध में भूक्तभोगी द्वारा लालपुर थाना में कांड संख्या 88/22 दर्ज है। जेपीएल इंटरप्राइजेज का कार्यालय लालपुर स्थित पेंटालूंस मॉल के निचला तल पर है।
यहां दिए गए है जेपीएल इंटरप्राइजेज को स्टोन माइंस
1 नामकुम के उलाहतू मौजा में स्टोन माइंस 17 नवंबर 2016 को दिया गया है।
2 इसी जगह पर दूसरी माइंस भी 17 नवंबर 2016 को ही दिया गया है।
3 18 नवंबर 2016 को फिर से नामकुम के उलाहतू में स्टोन माइंस आवंटित हुआ।
4 21 जुलाई 2016 को नामकुम के टुंडाबुली में स्टोन माइंस आवंटित किया गया।
5 17 दिसंबर 2016 को ओरमांझी के सांडी में भीएक माइंस दिया गया।
6 8 मार्च 2018 को ओरमांझी के इचादाग में दिया गया स्टोन माइंस।
7 अनगड़ा के मालघोषा में भीपत्थर का खदान दिया गया।
सभी माइंसों का आवंटन भी सीरियल नंबर से किया है
उसमें लीज नंबर 0614558506, 0514558502, 051455803, 051455804,
0514558505, 0514559506, 0514558507, 0514559508 और अन्य है।
नामकुम, ओरमांझी और अनगड़ा की सीओ रही सहभागिता
सभी खान आवंटन को लेकर नामकुम, ओरमांझी और अनगड़ा अंचल के तत्कालीन अंचल अधिकारियों ने सरफेस राइट और अन्य चीजें दे रखी है। इस तरह अवैध पत्थर खदान का उत्खनन जोरों पर है।
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