मुंबई: ओशिवारा फायरिंग मामले में अभिनेता और स्वघोषित फिल्म समीक्षक कमाल आर खान को बड़ी राहत मिली है। मुंबई की अंधेरी अदालत ने उन्हें 30 जनवरी 2026 को जमानत प्रदान की। इसके लिए उन्हें केवल 25,000 रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड भरना पड़ा। यह मामला 18 जनवरी 2026 को ओशिवारा इलाके में घटित घटना से संबंधित है, जिसमें एक रेजिडेंशियल बिल्डिंग पर दो गोलियां चलाई गई थीं।

कमाल आर खान को ओशिवारा फायरिंग केस में जमानत

पुलिस का कहना है कि ये गोलियां KRK के लाइसेंस प्राप्त हथियार से चली थीं। उन्होंने 23 जनवरी को उन्हें गिरफ्तार किया और पूछताछ के दौरान KRK ने गोली चलाने की बात को स्वीकार किया। उनका हथियार जब्त कर लिया गया है और पुलिस ने उनके लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

KRK का दावा- यह घटना दुर्घटनावश हुई

KRK के वकील सना रईस खान ने अदालत में दलील दी कि उनकी गिरफ्तारी अवैध थी। उन्होंने बताया कि BNSS की धारा 35(3) के तहत आवश्यक नोटिस नहीं दिया गया था, और न ही संविधान के अनुच्छेद 22(1) के अनुसार गिरफ्तारी के लिए ठोस आधार प्रस्तुत किए गए। वकील ने इसे प्रक्रियागत उल्लंघन बताते हुए गिरफ्तारी को अमान्य करार दिया। KRK ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि यह घटना दुर्घटनावश हुई।

जान के खतरे की मंशा नहीं थी

कमाल आर खान ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ कोई साजिश रची जा रही है, क्योंकि वे फिल्म उद्योग में अपनी समीक्षाओं और टिप्पणियों के कारण कई लोगों के निशाने पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे एक व्यवसायी हैं और लंबे समय से मुंबई में निवास कर रहे हैं, इसलिए भागने का कोई सवाल नहीं है। KRK ने किसी की जान को खतरा पहुंचाने की मंशा न होने की बात की। उनके वकील ने बताया कि फायरिंग दो अलग-अलग फ्लैट्स पर हुई, लेकिन दोनों बिल्डिंग्स के बीच 400 मीटर का फासला है, mientras कि हथियार की रेंज केवल 20 मीटर है। इस स्थिति को देखते हुए यह तकनीकी रूप से असंभव प्रतीत होता है।

KRK ने इसे फिल्म उद्योग के कुछ लोगों द्वारा प्रतिशोध की कोशिश बताया है। यह मामला BNSS और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। KRK पहले भी कई विवादों में उलझ चुके हैं, जैसे कि सोशल मीडिया पोस्ट्स और अन्य मामलों में, परंतु इस बार जमानत मिलने से वे राहत महसूस कर रहे हैं। पुलिस जांच जारी है और आगे की घटनाएँ देखने लायक होंगी।