ओरमांझी में गैस माफिया के खिलाफ कार्रवाई, बिरयानी दुकान में अवैध रिफिलिंग का भंडाफोड़

कालाबाजारी

एक नज़र में पूरी खबर

  • रांची के ओरमांझी क्षेत्र में अवैध गैस सिलेंडर रिफिलिंग और कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया, जिसमें जिला प्रशासन ने छापेमारी की।
  • दिल्ली दरबार बिरयानी दुकान पर छापे में 9 व्यवसायिक गैस सिलेंडर बरामद हुए, जिनमें से कुछ अवैध रिफिलिंग के लिए उपयोग किए जा रहे थे।
  • मुख्य आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है, वहीं इस मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

राजधानी रांची में अवैध गैस सिलेंडर रिफिलिंग का खुलासा

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी क्षेत्र में अवैध गैस सिलेंडर रिफिलिंग और कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।

बिरयानी दुकान की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबार

जिला दंडाधिकारी और उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के आदेश पर एक जिला स्तरीय टीम ने ईरवा स्थित “दिल्ली दरबार बिरयानी” दुकान पर छापा मारा। इस कार्रवाई में प्रखंड विकास पदाधिकारी ओरमांझी के नेतृत्व में दुकान से 9 व्यवसायिक गैस सिलेंडर बरामद किए गए। जांच के दौरान पता चला कि कुछ सिलेंडर सील थे जबकि कुछ का उपयोग अवैध रिफिलिंग के लिए किया जा रहा था।

बिचौलिया द्वारा सप्लाई, मुनाफे का खेल

पूछताछ में दुकान के संचालक ने बताया कि सिलेंडर एक बिचौलिया द्वारा बैगनआर कार से सप्लाई किए जाते थे। बिचौलिया अवैध तरीके से गैस भरकर इसे ऊंचे दाम पर बेचता था, और मुनाफे में हिस्सेदारी तय होती थी। यह साफ है कि यह सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि एक पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा था।

घर से मिले सबूत, रिफिलिंग सेटअप बरामद

गिरफ्तार व्यक्ति की निशानदेही पर टीम ने आरोपी के घर पर भी छापेमारी की। वहां से 19.02 किलो क्षमता का एचपी गैस सिलेंडर बरामद किया गया, जिसमें लगभग 10 किलो गैस भरी हुई थी और उस पर रिफिलिंग नोजल लगा हुआ था। इसके अतिरिक्त एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी जब्त किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह अवैध धंधा संगठित तरीके से चल रहा था।

मुख्य आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी

छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी घर से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और मामले की आगे की जांच जारी है।

कानून के तहत गंभीर अपराध, केस दर्ज

प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां ‘रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर-2000’ और ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ के तहत गंभीर अपराध मानी जाती हैं। ओरमांझी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

डीसी का सख्त संदेश

डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की जान के लिए भी खतरा उत्पन्न करता है।

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