रांची में विनय सिंह के ठिकानों पर एसीबी की छापेमारी, वन भूमि घोटाले की जांच तेज

by Aaditya HridayAaditya Hriday
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📌 गांडीव लाइव डेस्क:

रांची में एंटी-करप्शन ब्यूरो की छापेमारी, वन भूमि घोटाले की जांच तेज

रांची, 28 सितंबर: झारखंड की राजधानी में आज सुबह एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नेक्सजेन ऑटोमोबाइल्स के मालिक विनय सिंह के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की। यह कार्रवाई हजारीबाग में वन भूमि की अवैध जमाबंदी के खिलाफ चल रही जांच के अंतर्गत की गई है। विनय सिंह वर्तमान में जेल में बंद हैं और उन्हें निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे का करीबी माना जाता है।

अनेक ठिकानों पर चल रही है जांच

एसीबी की टीमें सुबह-सुबह रांची के अलग-अलग स्थानों, जैसे विनय सिंह के अशोक नगर स्थित आवास और डीडिबह में नेक्सजेन ऑटोमोबाइल्स के शोरूम पर पहुंचीं। इसके अलावा, अन्य चार से अधिक ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया। एसीबी अधिकारियों के साथ मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। सूत्रों के अनुसार, जांच दस्तावेजों, संपत्तियों और अन्य सबूतों पर केंद्रित है।

हजारीबाग वन भूमि घोटाले का संदर्भ

यह छापेमारी हजारीबाग के वन भूमि घोटाले से संबंधित है, जिसे एसीबी हजारीबाग पीएस कांड संख्या 11/2025 के तहत दर्ज किया गया है। वर्ष 2013 में, हजारीबाग के पांच प्लॉट्स को डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स द्वारा आवंटित किया गया था, जो आगे चलकर वन भूमि साबित हुए। यह आवंटन भारतीय वन अधिनियम 1927 और वन संरक्षण अधिनियम 1980 का उल्लंघन करता है। आरोप है कि विनय सिंह ने निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे के सहयोग से इस अवैध प्रक्रिया को अंजाम दिया और सबूतों से छेड़छाड़ का प्रयास किया।

विनय सिंह और विनय चौबे के बीच का नाता

विनय सिंह को विनय कुमार चौबे का घनिष्ठ मित्र माना जाता है, जो 2008-2010 के दौरान हजारीबाग के डिप्टी कमिश्नर थे। हाल ही में चौबे की जमानत याचिका खारिज की गई है, और उन पर इस घोटाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है। एसीबी के सूत्रों का कहना है कि जांच में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

सोशल मीडिया पर चर्चा

एसीबी की इस छापेमारी से न केवल विनय सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, बल्कि इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों के लिए भी समस्या उत्पन्न हो सकती है। सोशल मीडिया पर यह मामला एक चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ लोग इसे झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रहे हैं। एसीबी ने भविष्य में और भी खुलासे होने की संभावना जताई है।

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