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📌 गांडीव लाइव डेस्क:
साहिबगंज जिले में आधार में होने वाले फर्जीवाड़े को लेकर पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के सोतीचौकी पांगड़ो से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से बरामद लैपटॉप की जांच में असम की आईडी मिली, जिसका उपयोग कर मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ कर आधार बनाया जा रहा था।
फर्जी आधार निर्माण का खुलासा 📊
पुलिस की छानबीन में पता चला है कि पिछले दिनों 22 लोगों के लिए बैकडेट में आधार बनाए गए थे। इसके बाद, मामले को और गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने यूआईडी के राज्य मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया है।
पुलिस ने दल से पकड़े गए राजदेव उरांव और मोनू कुमार चौधरी को जेल भेज दिया है। जाँच का कार्य बोरियो प्रभाग के पुलिस इंस्पेक्टर नुनूदेव राय को सौंपा गया है।
जनसंख्या से अधिक आधार पंजीकरण
साहिबगंज-पाकुड़ इलाके में घुसपैठ का मामला भी सामने आया है, जहां अनुमानित जनसंख्या से अधिक आधार पंजीकरण हुआ है। अक्टूबर 2024 तक साहिबगंज जिले की जनसंख्या 13,92,393 थी, वहीं यहां 14,53,634 आधार बन चुके थे। इसी प्रकार, पाकुड़ में जनसंख्या 10,89,673 है, जबकि आधार पंजीकरण 11,36,959 तक पहुंच गया है।
प्रशासन की सक्रियता
जिला प्रशासन ने अब आधार केंद्रों पर निगरानी शुरू कर दी है। UID अधिकारी संदीप कुमार को जानकारी मिली कि सोतीचौकी पांगड़ो में मोनू कुमार चौधरी के ग्राहक सेवा केंद्र में फर्जी तरीके से आधार बनाया जा रहा था। जब संदीप ने जांच की और आधार निर्माण का प्राधिकार पत्र मांगा, तो वह प्रस्तुत नहीं कर सके।
आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को पकड़ा गया, जिनके लैपटॉप से असम की आईडी के दस्तावेज़ मिले। उनके खिलाफ सबूत भी मिले हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह फर्जीवाड़ा एक बड़ी समस्या बन चुका है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में कई अन्य आधार केंद्र भी इसी तरह के फर्जीवाड़े में शामिल हैं। हाल ही में एक लैपटॉप को जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है, जिससे समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
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