कोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी, गवर्नमेंट इंप्लाईज का भ्रष्टाचार समाज के प्रति अपराध
धनबाद। करप्शन आज समाज में कैंसर का रूप लेता जा रहा है। विशेषकर गवर्नमेंट एम्पलाई द्वारा किया गया करप्शन समाज के प्रति अपराध है और इसे किसी सूरत में माफ नहीं किया जा सकता। यह कहना है धनबाद सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश राजकुमार मिश्रा का। खान सुरक्षा महानिदेशालय धनबाद के डायरेक्टर ऑफिस में सर्वेयर के पद पर तैनात सुबीर कुमार पालित के मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने यह कड़ी टिप्पणी की है, साथ ही भ्रष्टाचार के आरोपी सुबीर कुमार पालित को 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹33,00,000 जुर्माने का दंड सुनाया है। आय से अधिक संपत्ति से संबंधित 14 वर्ष पुराने इस केस में सीबीआई कोर्ट का यह फैसला राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।
धनबाद सीबीआई के भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने सुबीर पर आरोप लगाया था कि एक अप्रैल 2005 से 31 अक्तूबर 2008 के दौरान डीजीएमएस डायरेक्टर ऑफिस में सर्वेयर के पद पर तैनात सुबीर कुमार ने आय से अधिक कुल 32 लाख 89 हजार 384 रुपए की अघोषित संपत्ति अर्जित की। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि सुबीर के पास कार, फ्लैट के अलावा कई अन्य अघोषित संपत्ति मिली थी।
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अभियोजन करते हुए सीबीआई के विशेष अभियोजक चंदन कुमार सिंह ने कुल 22 गवाहों का परीक्षण कराया था। सबूतों और गवाहों के बयान पर सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राजकुमार मिश्रा के कोर्ट ने धनबाद डीजीएमएस (खान सुरक्षा महानिदेशालय) डायरेक्टर ऑफिस में सर्वेयर के पद पर तैनात सुबीर कुमार पालित को आय से अधिक कुल 32 लाख 89 हजार 384 रुपए की अघोषित संपत्ति अर्जित करने के मामले में दोषी पाया और पांच वर्ष सश्रम कारावास एवं 33 लाख रुपए जुर्माने से दंडित किया। फैसला सुनाए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।
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