झारखंड के पहले लैब में कोरोना जांच हुई बंद, इधर बढ़ने लगे मरीज

 जमशेदपुर। झारखंड में कोरोना जांच की शुरुआत सबसे पहले जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई थी लेकिन अब बंद हो गई है।

इसका मुख्य कारण जांच किट खत्म होना है। एेसे में विभाग की चिंता बढ़ गई है। यहां रोजाना पांच हजार से अधिक लोगों की जांच होती थी। सुबह आठ से रात 11 बजे तक लैब संचालित होता है। हालांकि, इसकी जगह पर मोबाइल वैन में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही है। लेकिन, एमजीएम कॉलेज में जांच की क्षमता अधिक थी। एमजीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केएन सिंह का कहना है कि किट खरीदने के लिए टेंडर निकाला गया है। उम्मीद है कि जल्द ही किट खरीद लिया जाएगा। उसके बाद फिर से जांच शुरू हो सकेगी। इधर, पूर्वी सिंहभूम जिले में कोरोना मरीजों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। बीते गुरुवार को एक साथ दस नए मरीज मिले, जो 129 दिन के बार मिले। पूर्वी सिंहभूम जिले में रैपिड एंटीजन किट की भी कमी है। इसके कारण टाटा नगर स्टेशन पर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच करने में परेशानी हो रही है। दरअसल, दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों का नमूना लेकर जांच की जाती है। लेकिन, रैपिड एंटीजन किट खत्म होने की वजह से लोगों को तत्काल रिपोर्ट नहीं मिल पा रहा है। किट की कमी को देखते हुए यात्रियों का नमूना ट्रूनेट मशीन से जांच के लिए लिया जा रहा है। ट्रूनेट मशीन से जांच रिपोर्ट आने में 24 घंटे का समय लगता है। वहीं, रैपिड एंटीजन किट से 15 से 20 मिनट में रिपोर्ट मिल जाती है। पूर्वी सिंहभूम जिले में अभी 18 हजार से अधिक लोगों का जांच रिपोर्ट पेंडिंग पड़ा हुअा है। जिले में कुल 18 लाख 26 हजार 765 लोगों का नमूना लिया गया है। इसमें 18 लाख आठ हजार 454 लोगों की जांच हुई है। यानी 18 हजार 311 लोगों की रिपोर्ट पेंडिंग है।

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