झारखंड हाईकोर्ट ने देवघर एयरपोर्ट मामले में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और मनीष तिवारी को अंतरिम राहत दी है। इनके खिलाफ अगले आदेश तक कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है।झारखंड हाईकोर्ट ने सूर्यास्त के बाद विमान के टेक ऑफ करवाने के मामले में आरोपी सांसद निशिकांत दुबे, उनके पुत्र कनिष्क कांत दुबे, महिकांत दुबे व सांसद मनोज तिवारी को अंतरिम राहत की सुविधा मिली है। इन लोगों के खिलाफ उत्पीड़क कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। इसी मामले में देवघर एयरपोर्ट निदेशक संदीप ढिंगरा को भी अंतरिम राहत मिली है। बुधवार को जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में मामले में सुनवाई हुईसुनवाई के दौरान सभी को राहत प्रदान की गई। अदालत ने मामले में देवघर डीसी, जांच अधिकारी और एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारी से जवाब मांगा है। अदालत ने सभी को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। बता दें कि दुमका में एक छात्रा की हत्या मामले में निशिकांत दुबे भाजपा नेताओं के साथ परिजनों से मिलने गए थे। लौटते हुए एयरपोर्ट से सूर्यास्त के बाद प्लेन का टेक ऑफ किया था। इसी मामले में इन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस नहीं कर सकती प्राथमिकी दर्ज
सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने अदालत को बताया कि इस मामले में पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कराने का अधिकार नहीं है। क्योंकि एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा-11बी के तहत इसके डीजीसीए सहित अन्य वरीय अधिकारियों से पहले अनुमति लेनी पड़ऐसे में मामले में आईपीसी के तहत मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है। एयरक्राफ्ट के नियम के तहत सूर्यास्त के आधे घंटे तक विमान को टेक ऑफ किया जा सकता है, लेकिन इस मामले में देवघर के उपायुक्त के कहने पर निशिकांत दुबे उनके दोनों बेटे और मनोज तिवारी पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसे रद्द कर देना चाहिए। उसके बिना कोई कोर्ट मामले में संज्ञान नहीं ले सकता है। इस मामले में एयरक्राफ्ट एक्ट प्रभावी होगी।
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