गिरिडीह। सोहराय के दिन उन्मादी हिंसा में घायल व्यक्ति जया मुर्मू की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गत 11 जनवरी को सोहराय पर्व पर नृत्य कर रहे लोगों से जया मुर्मू का विवाद हुआ था। इसके बाद गांव के लोगों ने जया को बंधक बना लिया था। रात भर कमरे में बंद कर उसकी पिटाई की गई। अगले दिन भी भीड़ उसे कमरे में जाकर मारती रही। जब वो मरणासन्न हो गया तो उसे छोड़ा गया। जया के पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे। दर्द से तड़पता रहा। आखिरकार 10 दिन बाद उसने दम तोड़ दिया। सलगाडीह गांव के लोगों ने जया को झगड़ालू बताते हुए उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया था। सोहराय पर्व आया तो लोग उसकी जमीन पर नृत्य करने लगे। जया मुर्मू ने इस पर आपत्ति की। उनका तर्क था कि जब उसे समाज से बहिष्कृत किया गया है। जो जश्न मनाने के लिए उसकी जमीन का उपयोग क्यों किया जा रहा है। इसी मसले पर बात बिगड़ती गई। इसके बाद सोहराय पर्व मना रहे लोग उखड़ गए। जया की मौत की सूचना पर इंस्पेक्टर परमेश्वर लेयांगी, थाना प्रभारी पीकू प्रसाद दल-बल के साथ गांव गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने शक के आधार पर संजुल हेंब्रम व उसके पुत्र रमेश हेंब्रम को हिरासत में लिया है।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!