शराब कारोबार से राज्य में रोजाना हो रही करोड़ों की वसूली

by Aaditya HridayAaditya Hriday
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रांची | राज्य के शराब कारोबारी इन दिनों अवैध वसूली में लीन है रोज दिन राज्य में धड़ल्ले से शराब की एमआरपी रेट से अधिक पैसे वसूले जा रहे है. जिसका ग्राहकों ने विरोध भी किया है इस बीच एक आंकलन सामने आया है जिसके अनुसार, प्रतिदिन पूरे राज्यभर में करीब 3 करोड़ की अवैध वसूली हो रही है. यानी कि 90 करोड़ रुपए महीने का. वहीं हर रोज हो रहे इस अवैध वसूली में साफ तौर पर यह कहा जा रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर उत्पाद विभाग, जेएसबीसीएल, प्लेसमेंट एजेंसी और दुकान कर्मियों की मिलीभगत के बिना यह अवैध वसूली संभव नहीं है. मिलीभगत का ही असर है कि राज्य के कई शराब दुकानों में कर्मी मनमाने तरीके से शराब की कीमत से अधिक पैसे वसूलने का काम कर रहे है वहीं जब इसका विरोध ग्राहकों द्वारा किया जाता है तो वे उनपर ही हावी हो जाते है. ऐसी खबरें राज्य के कई जगहों से अक्सर सामने आती रहती है. 

एक दिन में हो रही 3 करोड़ की लूट मतलब महीने का 90 करोड़ 

उपराजधानी दुमका से लेकर राज्य के कई जिलों में शराब दुकानों पर धड़ल्ले से अवैध वसूली हो रही है जिसे हर कोई देख सकता है. शराब लेने पहुंच रहे सभी ग्राहकों से दुकानदार एमआरपी रेट यानी प्रिंट रेट से अधिक पैसे वसूलने का काम कर रहे हैं. इतना ही नहीं जब ग्राहक इसका विरोध करते है तो वे उन्हें शराब ना देने की धमकी तक दे देते है. जिसके कारण मजबूर होकर शराब लेने पहुंच रहे ग्राहक एमआरपी रेट से अधिक कीमत पर ही शराब खरीद रहे है. बात करें राज्य की जनसंख्या की तो यहां करीब 3 करोड़ की आबादी रहती है. वहीं जानकारों के मुताबिक, राज्य में प्रतिदिन विदेशी शराब का सेवन करने वाले लोगों की संख्या जनसंख्या की 10 प्रतिशत है. इसका मतलब यह कि राज्यभर में करीब 30 लाख लोग प्रतिदिन शराब का सेवन कर रहे है और इन सभी 30 लाख लोगों से शराब विक्रेता एमआरपी रेट से अधिक पैसे की वसूली कर रहा है. जिसमें आंकलन के अनुसार महीने का 90 करोड़ और सिर्फ एक दिन का 3 करोड़ रुपए का वसूली किया जा रहा है. 

राज्य शराब कारोबारी और विक्रेता धड़ल्ले से शराब खरीदारों से पैसे लूट रहे है और यह सब देखते हुए भी इस मामले में विभाग के साथ प्रशासन और मंत्रालय सभी मौन धारण किए हुए है. शराब बिक्री के नाम पर राज्यभर में हो रही इस लूट की खबर सत्ता के शीर्ष पदों पर बैठे विभाग के सभी अधिकारी को है लेकिन फिर भी वे चुप्पी साधे मौन होकर सब देख रहे हैं. राज्य के कद्दावर नेता रहे शिक्षा सह उत्पाद विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी डुमरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक और मौजूदा सरकार में उत्पाद विभाग की मंत्री है. लेकिन मंत्री को फिलहाल विभाग के तजूर्बे की थोड़ी कमी है. कहा यही जा रहा है कि शराब कारोबारियों और सिंडिकेट को इसी का बड़ा फायदा हो रहा है. लेकिन इस बीच विभाग की ओर से उत्पाद आयुक्त के साथ उत्पाद सचिव भी मौन धारण किए हुए है. जिसकी वजह से राज्य में शराब की अवैध वसूली को लेकर शराब कारोबारियों को साहस मिल रहा है. राज्य में उत्पाद विभाग द्वारा नकली शराब की बिक्री पर लगातार छापेमारी की जाती रही है और कई जगहों पर अब भी छापेमारी जारी है लेकिन इन दिनों पूरे झारखंड में धड़ल्ले से प्रिंट रेट से अधिक की वसूली पर रोक-थाम को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है. 

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