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एक नज़र में पूरी खबर
- असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने देवघर में सत्संग आश्रम और बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा की।
- मुख्यमंत्री ने मीडिया से दूरी बनाई और चुनाव आचार संहिता के चलते कोई बयान नहीं दिया।
- देवघर में पूजा के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं, खासकर असम विधानसभा चुनाव को लेकर।
देवघर : असम विधानसभा चुनाव से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को झारखंड के देवघर का दौरा किया। उनके आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं भी तेज हो गईं।
सत्संग आश्रम और बैद्यनाथ धाम में पूजा
देवघर पहुंचने के बाद, मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सत्संग आश्रम का दौरा किया, जहां उन्होंने शांति के माहौल में पूजा-अर्चना की। इसके बाद, वह बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे और विधिपूर्वक पूजा की। पूजा के दौरान मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया था, लेकिन पूजा समाप्त होते ही मंदिर को फिर से खोल दिया गया।
निशिकांत दुबे दंपती की उपस्थिति
पूजा के समय भाजपा के वरिष्ठ सांसद निशिकांत दुबे और उनकी पत्नी भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद थे। पूजा के बाद, मुख्यमंत्री कुछ समय के लिए उनके निवास पर रुके, जहां उन्होंने विश्राम और भोजन किया।
मीडिया से दूरी और आचार संहिता का पालन
देवघर के दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया से बातचीत नहीं की। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण वह कोई बयान नहीं देंगे और चुनाव परिणाम आने के बाद ही वह खुलकर बात करेंगे।
राजनीतिक चर्चाओं का बढ़ना
असम चुनाव से पूर्व देवघर में पूजा को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह माना जा रहा है कि नेताओं के बीच भगवान का आशीर्वाद लेने की यह परंपरा चुनावी माहौल में सामान्य हो चुकी है। इसके अलावा, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का हालिया कामाख्या मंदिर दौरा भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे दोनों राज्यों के नेताओं के मंदिर दर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी में वृद्धि हो सकती है।
नतीजों पर नजरें
पूजा के बाद, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सांसद निशिकांत दुबे के साथ देवघर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, जहां से वह असम लौट गए। अब सभी की नजरें असम विधानसभा चुनाव के परिणामों पर हैं कि जनता किसे अपना समर्थन देती है।
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