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एक नज़र में पूरी खबर
- NASA का Artemis II मिशन 2026 में चार एस्ट्रोनॉट्स के साथ चांद के चारों ओर यात्रा करेगा, लेकिन वे चांद पर लैंड नहीं करेंगे।
- इस मिशन में एस्ट्रोनॉट्स अपने साथ iPhone 17 Pro Max लेकर जा रहे हैं, जिसका उपयोग महत्वपूर्ण क्षणों को कैद करने के लिए किया जाएगा।
- iPhones को Airplane Mode में रखा जाएगा ताकि स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम में हस्तक्षेप न हो, और उनका उपयोग केवल कैमरा और रिकॉर्डिंग डिवाइस के रूप में किया जाएगा।
NASA का Artemis II मिशन: iPhone 17 Pro Max के साथ चांद की यात्रा
2026 में, NASA के Artemis II मिशन ने एक नया अध्याय लिखा है, जिसमें एस्ट्रोनॉट्स अपने साथ iPhones लेकर चांद की यात्रा कर रहे हैं। यह पहली बार है जब एस्ट्रोनॉट्स ने ऐसे मॉडर्न स्मार्टफोन्स को अपने स्पेस सूट में शामिल किया है। इन iPhones का उद्देश्य मिशन के दौरान महत्वपूर्ण क्षणों को कैद करना और उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें लेना है। इस पहल का संचालन Jared Isaacman द्वारा किया गया है, जिन्होंने 2026 में एक नई नीति के तहत एस्ट्रोनॉट्स को स्मार्टफोन्स ले जाने की अनुमति दी।
Artemis II क्या है?
Artemis II एक महत्वपूर्ण स्पेस मिशन है, जो लगभग 10 दिन तक चलेगा। इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स चांद के चारों ओर यात्रा करेंगे और फिर वापस धरती पर लौटेंगे। हालांकि, इस मिशन में एस्ट्रोनॉट्स चांद पर लैंड नहीं करेंगे, फिर भी यह एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह दर्शाता है कि मानवता फिर से डीप स्पेस की ओर बढ़ रही है। इस बार एस्ट्रोनॉट्स अपने साथ हाई-टेक स्पेस इक्विपमेंट के साथ iPhones भी ले जा रहे हैं, जो कि पिछले मिशनों की तुलना में एक नए और आधुनिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
iPhones को साथ क्यों रखा गया है?
iPhones का चयन उनकी उपयोगिता और बेहतर डॉक्यूमेंटेशन क्षमता के कारण किया गया है। एस्ट्रोनॉट्स अब iPhone जैसे स्मार्टफोन का उपयोग करके उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो कैप्चर कर सकते हैं, जिससे वे अपने खास पलों को रिकॉर्ड कर सकते हैं और स्पेसक्राफ्ट के भीतर की गतिविधियों को आसानी से डॉक्यूमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा, एस्ट्रोनॉट्स पहले से iPhone जैसे डिवाइस का उपयोग करने के आदी होते हैं, जिससे उन्हें इसे ऑपरेट करने में कोई कठिनाई नहीं होती।
स्पेस में iPhone 17 Pro Max, लेकिन कुछ नियमों के साथ
हालांकि iPhone 17 Pro Max का उपयोग स्पेस में हो रहा है, लेकिन इसे धरती पर इस्तेमाल करने के तरीके से अलग तरीके से संचालित किया जाता है। मिशन के दौरान, इन स्मार्टफोन्स को लगातार Airplane Mode में रखा जाता है। इसका कारण यह है कि स्मार्टफोन्स से निकलने वाले सिग्नल्स स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम में हस्तक्षेप कर सकते हैं। इसलिए इनका उपयोग केवल एक कैमरा और रिकॉर्डिंग डिवाइस के रूप में किया जाता है।
iPhone 17 Pro Max का डिजाइन सामान्य iPhone जैसा ही है, लेकिन इसका उपयोग पूरी तरह से नियंत्रित होता है। NASA ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये फोन्स विशेष रूप से मॉडिफाइड हैं या मार्केट में उपलब्ध सामान्य वर्जन हैं। लेकिन यह साफ है कि स्पेस मिशनों में अब छोटे, शक्तिशाली और आम उपभोक्ता तकनीक का तेजी से इस्तेमाल हो रहा है।
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