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एक नज़र में पूरी खबर
- हनुमान जयंती 2026 का पर्व चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाया जाएगा, जो भगवान हनुमान के जन्मदिन के रूप में महत्वपूर्ण है।
- पूजा का शुभ समय सुबह 6:00 बजे से 11:45 बजे तक है, जिसमें विशेष पूजा समय सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे के बीच है।
- हनुमान जयंती पर पूजा विधि में स्नान, साफ कपड़े पहनना, दीपक जलाना और हनुमान चालीसा का पाठ करना शामिल है।
फीचर डेस्क : हनुमान जयंती 2026 का पर्व भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा को भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। इस दिन श्रद्धालु विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करके संकटमोचन की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्तियों के जीवन से भय, संकट और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।
आज का शुभ समय
पंचांग के अनुसार, हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इस दिन प्रातःकाल का समय पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। शुभ पूजा मुहूर्त: सुबह 6:00 बजे से 11:45 बजे तक और विशेष पूजा समय: सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे के बीच है। यह समय मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है, जिससे भक्तों का ध्यान पूजा में आसानी से केंद्रित किया जा सकता है। कई श्रद्धालु इस दौरान मंदिर जाकर हनुमान जी के दर्शन करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
पूजा कितने बजे से शुरू करें
हनुमान जयंती के दिन पूजा आरंभ करने का सर्वोत्तम समय सुबह स्नान के बाद माना जाता है। घर पर पूजा करने वाले भक्त सुबह 7 बजे से 10 बजे के बीच पूजा शुरू कर सकते हैं। शाम के समय भी दीप जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान हनुमान अपने भक्तों की प्रार्थनाओं को विशेष रूप से स्वीकार करते हैं।
हनुमान जयंती पर पूजा विधि क्या है
हनुमान जयंती की पूजा सरलता से की जा सकती है। सबसे पहले सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा की जगह को स्वच्छ करें। इसके बाद भगवान हनुमान की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं और उन्हें फूल अर्पित करें। हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाना शुभ माना जाता है। कई भक्त इस दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करते हैं। माना जाता है कि इनका पाठ करने से मन मजबूत होता है और डर या चिंता कम होती है। पूजा के बाद प्रसाद बांटें और भगवान से अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें।
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