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एक नज़र में पूरी खबर
- सिमडेगा जिले में जर्जर बरगद का पेड़ सड़क पर गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा है, जो किसी भी समय गिर सकता है।
- पिछले पांच वर्षों में इस पेड़ की एक शाखा गिरने से एक ऑटो चालक की मृत्यु और कई यात्रियों को गंभीर चोटें आई थीं।
- स्थानीय निवासियों और छात्रों ने प्रशासन से जर्जर पेड़ की तुरंत जांच और हटाने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सिमडेगा में जर्जर बरगद का पेड़ बना हादसे का कारण
सिमडेगा: सिमडेगा जिले में सड़क दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही जारी है। अल्बर्ट एक्का स्टेडियम के पीछे स्थित कुरडेग रोड और शाम टोली को जोड़ने वाली सड़क पर एक विशाल बरगद का पेड़, जो पूरी तरह से जर्जर और खोखला हो चुका है, गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा है। यह पेड़ किसी भी समय गिर सकता है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
पिछले हादसे की यादें ताजा
लगभग पांच वर्ष पहले, इस पेड़ की एक बड़ी शाखा अचानक टूटकर एक ऑटो पर गिर गई थी। इस हादसे में ऑटो चालक की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि कई यात्रियों को गंभीर चोटें आई थीं। यह घटना उस समय काफी चर्चा का विषय बनी थी और प्रशासन से जर्जर पेड़ों को हटाने की मांग उठाई गई थी।
स्थानीय निवासियों की चिंताएं
इतने बड़े हादसे के बावजूद, न तो प्रशासन और न ही वन विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम उठाया है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, बाइक सवार, ऑटो चालक और स्थानीय नागरिकों का आवागमन होता है। इसके अलावा, अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में सुबह बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी करने के लिए जुटते हैं।
छात्रों की पहल और प्रशासन की अनदेखी
हाल के महीनों में, “मुझे कुछ करना है” पहल के तहत करीब सौ छात्र-छात्राएं सामूहिक रूप से शारीरिक प्रशिक्षण ले रहे हैं। ऐसे में इस जर्जर पेड़ का खतरा और भी बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से अनुरोध किया है कि जर्जर बरगद के पेड़ की तुरंत जांच की जाए और आवश्यकतानुसार उसकी कटाई या हटाने की कार्रवाई की जाए।
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