Table of Contents
एक नज़र में पूरी खबर
- रांची ट्रैफिक पुलिस ने नंबर प्लेट में छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है और FIR दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई शुरू की है।
- पेट्रोल पंपों पर लूट की घटनाओं में शामिल वाहनों की नंबर प्लेट गायब या छेड़छाड़ की गई पाई गई है, जिससे अपराधी CCTV कैमरों से बचने में सफल हो रहे हैं।
- पिछले 2-3 महीनों में 10 से अधिक FIR दर्ज की गई हैं, 4 आरोपियों को जेल भेजा गया है और लगभग 50 वाहनों को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया के लिए कोर्ट में भेजा गया है।
रांची ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई: नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वालों के लिए चेतावनी
रांची: झारखंड राज्य की राजधानी रांची में वाहन की नंबर प्लेट में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। अब पुलिस केवल जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सीधे FIR दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। हाल के दिनों में कई मामलों में पुलिस ने आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है।
फर्जी नंबर प्लेटों का बढ़ता उपयोग
पुनदाग, खेलगांव और टाटीसिलवे थाना क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर लूट की कई घटनाएं सामने आई हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि इन घटनाओं में शामिल वाहनों की नंबर प्लेट या तो गायब थी या उनमें छेड़छाड़ की गई थी। इससे अपराधी CCTV कैमरों से बचने में सफल हो रहे थे। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, पहले लोग केवल ऑनलाइन चालान से बचने के लिए नंबरों को छिपाते थे, लेकिन अब यह तरीका शातिर अपराधियों द्वारा भी अपनाया जा रहा है, जो पुलिस के लिए एक नई चुनौती बन गई है।
पुलिस की कार्रवाई के आंकड़े
ट्रैफिक विभाग के अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि पिछले 2-3 महीनों में 10 से अधिक FIR दर्ज की जा चुकी हैं। इस संबंध में 4 आरोपियों को जेल भेजा गया है और लगभग 50 वाहनों को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया के लिए कोर्ट में भेजा गया है।
चौक-चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान
राजधानी रांची के सभी महत्वपूर्ण चौक-चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि यदि किसी वाहन की नंबर प्लेट पर कपड़ा, टेप, मिट्टी या अन्य वस्तुओं से नंबर छिपाए गए हैं, तो ऐसे वाहनों को तुरंत पकड़कर कोर्ट में पेश किया जाए।
स्वचालित चालान प्रणाली पर कड़ी निगरानी
रांची में अब अधिकांश स्थानों पर स्वचालित चालान प्रणाली के माध्यम से चालान की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तकनीक को धोखा देने की कोशिश करने वालों पर मैन्युअल और डिजिटल दोनों तरीकों से कड़ी नजर रखी जा रही है।
इस खबर से जुड़ी अन्य खबरें
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!