Table of Contents
एक नज़र में पूरी खबर
- पश्चिमी सिंहभूम जिले में ईसाई समुदाय ने खजूर पर्व (पाम संडे) को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया।
- इस अवसर पर स्थानीय ईसाई समुदाय ने एक भव्य जुलूस निकाला, जिसमें भजन-कीर्तन के माध्यम से शांति और प्रेम का संदेश फैलाया गया।
- गुवा आरसीसी चर्च के फादर पास्कल भुइया ने खजूर पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे विनम्रता, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला बताया।
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में रविवार को ईसाई समुदाय ने खजूर पर्व या खजूर रविवार (Palm Sunday) को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर सुबह से ही चर्च परिसर में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ख्रीस्त (यीशु मसीह) के अनुयायियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के तहत श्रद्धालु अपने-अपने हाथों में खजूर की डालियां लेकर एकत्रित हुए।
समुदाय के लोगों ने शांति व प्रेम का दिया संदेश
पाम संडे ईस्टर से पूर्व के रविवार को प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में विजयी आगमन की स्मृति में मनाया जाता है। इस पर्व पर स्थानीय ईसाई समुदाय ने एक भव्य जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल लोगों ने भजन-कीर्तन करते हुए प्रभु की महिमा का गुणगान किया और शांति एवं प्रेम का संदेश फैलाया।
श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया पाम संडे
विशेष रूप से चाईबासा, चक्रधरपुर, मनोहरपुर, आनंदपुर, जगन्नाथपुर, मझगांव और गुवा में मसीह समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ खजूर पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया।
विनम्रता, मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है पाम संडे
गुवा आरसीसी चर्च के सहायक पल्ली पुरोहित फादर पास्कल भुइया ने खजूर पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन प्रभु यीशु के यरूशलेम में विजयी प्रवेश की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि यह पर्व हमें विनम्रता, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
भाईचारा व सद्भाव बनाए रखने का लिया संकल्प
पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अंत में सभी ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दी और समाज में भाईचारा एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस खबर से जुड़ी अन्य खबरें
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!