Table of Contents
एक नज़र में पूरी खबर
- झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल में मुर्गामहादेव रोड स्टेशन के पास कोयले से भरी मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे देवझर–बांसपानी रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई।
- इस घटना के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनों, जैसे वंदे भारत एक्सप्रेस और पुरी–बड़बिल इंटरसिटी ट्रेन, को बीच रास्ते में रोकना पड़ा और टाटा–गुवा मेमू ट्रेन को रद्द कर दिया गया।
- रेलवे प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिया है, भारी क्रेन और एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन मौके पर भेजी गई है, जबकि यात्रियों से अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच करने की अपील की गई है।
जमशेदपुर: झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल में एक गंभीर रेल दुर्घटना हुई है। मुर्गामहादेव रोड स्टेशन के नजदीक कोयले से भरी मालगाड़ी के दो डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। यह घटना दोपहर 12 बजे के आसपास हुई। इस हादसे के बाद देवझर–बांसपानी रेलखंड की अप और डाउन दोनों लाइनों पर पूरी तरह से अवरोध उत्पन्न हो गया, जिससे कई ट्रेनों की आवाजाही रुक गई।
वंदे भारत समेत कई ट्रेनें बीच रास्ते में फंसी
इस घटना का प्रभाव कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर पड़ा है। खुर्दा रोड–टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस को बांसपानी स्टेशन पर रोकना पड़ा। इसी तरह पुरी–बड़बिल इंटरसिटी ट्रेन भी बीच रास्ते में फंस गई। विशाखापट्टनम एक्सप्रेस को टाटानगर स्टेशन पर ही रोक दिया गया, जिससे तेज गर्मी में यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
टाटा–गुवा ट्रेन रद्द, कई ट्रेनों का रूट प्रभावित
मालगाड़ी के बेपटरी होने के कारण टाटा–गुवा मेमू ट्रेन (68003/68004) को पूरी तरह रद्द कर दिया गया। इसके अलावा कई अन्य ट्रेनों को भी बीच रास्ते से वापस लौटाया गया या उनके रूट में बदलाव किया गया।
कई ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट, कुछ सेवाएं आंशिक रद्द
- 18416 पुरी–बड़बिल एक्सप्रेस को जरुली में ही यात्रा समाप्त करनी पड़ी।
- 18415 बड़बिल–पुरी एक्सप्रेस देवझर में रोक दी गई।
- 12021 हावड़ा–बड़बिल जनशताब्दी को टाटानगर में शॉर्ट टर्मिनेट किया गया।
- 12022 बड़बिल–हावड़ा एक्सप्रेस को टाटा से वापस भेज दिया गया।
- 20892 पुरी–टाटा वंदे भारत को बांसपानी में ही रोक दिया गया।
- 20891 टाटा–ब्रह्मपुर ट्रेन को रीशेड्यूल कर शाम 8:20 बजे किया गया।
राहत कार्य तेज, भारी क्रेन और एक्सीडेंट ट्रेन पहुंची
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। चक्रधरपुर से 140 टन की भारी क्रेन और डांगुवापोसी से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को तुरंत मौके पर भेजा गया। चूंकि मालगाड़ी कोयले से लदी हुई थी, इसलिए बेपटरी डिब्बों को पटरी पर लाने में काफी कठिनाई हो रही है। राहत और मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है।
सबसे व्यस्त रूट पर पड़ा असर
देवझर–बांसपानी रेलखंड को इस क्षेत्र का सबसे व्यस्त मालवाहक रूट माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में लौह-अयस्क और कोयले का परिवहन होता है। इस लाइन के बाधित होने से रेलवे के माल लदान पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने सफर से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच अवश्य करें। इस रूट पर सामान्य स्थिति में लौटने में समय लग सकता है।
इस खबर से जुड़ी अन्य खबरें
- चैती छठ 2026: पहला अर्घ्य आज, छठ घाटों पर श्रद्धा से तैयारियां पूरी।
- रामनवमी पर रांची में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत, एसएसपी ने की तैयारियों की समीक्षा
- ताजा अपडेट : झारखंड का आज का मौसम: आंशिक बादल, गर्मी में बढ़ोतरी, बारिश की संभावना नहीं
- ताजा अपडेट : झारखंड पर्यटन निगम में करोड़ों का घोटाला, ईडी ने शुरू की नई जांच
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!