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एक नज़र में पूरी खबर
- झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोन्टो थाना क्षेत्र में जवान अजय किशोर खाका की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है।
- अजय किशोर खाका नक्सल विरोधी अभियान में सक्रिय थे और सीआरपीएफ की 174वीं बटालियन के पालीसाई कैंप में तैनात थे।
- घटना की जांच हर पहलू से की जा रही है, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में जवान की संदिग्ध मौत
चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोन्टो थाना क्षेत्र में तैनात एक जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है। मृतक का नाम अजय किशोर खाका है। रविवार रात को उन्हें अपनी ही सर्विस इंसास राइफल से गोली लगने के बाद पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
नक्सल विरोधी अभियान में तैनात
जानकारी के अनुसार, अजय किशोर खाका गुमला जिले के रायडीह क्षेत्र के निवासी थे और वर्तमान में टोन्टो थाना में कार्यरत थे। वे सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल थे। वह सीआरपीएफ की 174वीं बटालियन के पालीसाई कैंप में तैनात थे और अपनी ड्यूटी पर पूरी गंभीरता से लगे हुए थे।
गोली लगने के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचाया गया
घटना के बाद, साथी जवानों ने उन्हें तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने उनकी जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि गोली उनके गले के आस-पास लगी थी, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी।
हादसा या आत्महत्या? विभिन्न मत
इस घटना के बारे में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जवान पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थे और उन्होंने आत्महत्या की। वहीं, अन्य लोगों का मानना है कि वे अपनी राइफल की सफाई कर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई और यह एक हादसा हो गया।
हर पहलू से जांच की जा रही है
घटना की जानकारी मिलते ही किरीबुरू के एसडीपीओ अजीत केरकेट्टा मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने बताया कि जवान की मौत के कारणों की जांच हर पहलू से की जा रही है।
परिजनों को सूचित किया गया
मृतक के परिजनों को इस घटना की जानकारी दे दी गई है और उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले को लेकर सतर्क हैं।
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