नोरा फतेही के वर्क परमिट रद्द, ‘सरके चुनर तेरी सरके’ विवाद के बाद उठी मांग

नोरा फतेही की मुश्किलें बढ़ीं, 'सरके चुनर तेरी सरके' गाने विवाद के बाद वर्क परमिट रद्द और डिपोर्ट की मांग | Nora Fatehi work permit and deportation In India Faces Trouble Amid Sarke Chunar Teri Sarke song Controversy

एक नज़र में पूरी खबर

  • नोरा फतेही का 'सरके चुनर तेरी सरके' गाने का हिंदी संस्करण अश्लील और आपत्तिजनक माना गया, जिसके कारण इसे यूट्यूब से हटा दिया गया और सरकारी स्तर पर बैन कर दिया गया।
  • 10 वकीलों के एक समूह ने गृह मंत्रालय में याचिका दायर कर नोरा का वर्क परमिट रद्द करने और उन्हें डिपोर्ट करने की मांग की है।
  • नोरा ने अपनी सफाई में कहा कि उन्हें हिंदी वर्जन और उसके बोलों के बारे में जानकारी नहीं थी और उन्होंने अश्लीलता का समर्थन नहीं करने की बात कही।

मुंबई: बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस और डांसर नोरा फतेही वर्तमान में ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने के विवाद में फंसी हुई हैं। कन्नड़ फिल्म ‘KD: The Devil’ के इस प्रमोशनल गाने के हिंदी संस्करण के बोलों को अश्लील और आपत्तिजनक माना जा रहा है। इस पर सोशल मीडिया पर तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसके बाद गाने को यूट्यूब से हटा दिया गया और इसे सरकारी स्तर पर बैन कर दिया गया। अब यह मामला और भी गंभीर हो गया है।

नोरा फतेही की मुश्किलें बढ़ीं

समाचारों के अनुसार, 10 वकीलों के एक समूह ने गृह मंत्रालय में एक याचिका दायर की है। वकीलों ने नोरा फतेही का भारत में वर्क परमिट रद्द करने और उन्हें देश से डिपोर्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि गाने में अश्लील, यौन संकेत देने वाला और अपमानजनक कंटेंट शामिल है, जो सार्वजनिक शालीनता और नैतिकता के विरुद्ध है।

‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने विवाद में वर्क परमिट रद्द

वकीलों ने विदेशी अधिनियम 1946, पासपोर्ट (एंट्री इनटू इंडिया) एक्ट 1920 और अन्य कानूनी प्रावधानों का संदर्भ दिया है। याचिका की एक प्रति सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग को भी भेजी गई है।

बढ़ते विवाद के बाद नोरा ने दी थी सफाई

वकीलों का तर्क है कि विदेशी नागरिकों को भारत में काम करने का अधिकार विशेषाधिकार है, न कि हक। अगर उनका कार्य सार्वजनिक व्यवस्था या नैतिकता को प्रभावित करता है, तो सरकार कार्रवाई कर सकती है। इस विवाद के बीच, नोरा फतेही ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने तीन साल पहले कन्नड़ वर्जन में गाना शूट किया था। उन्हें हिंदी वर्जन और उसके बोलों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

उन्होंने कहा, “मुझे हिंदी डबिंग और अनुचित लिरिक्स की जानकारी नहीं थी। मैं ऐसी अश्लीलता का समर्थन नहीं करती।” नोरा ने निर्देशकों और प्रोड्यूसर्स पर आरोप लगाया कि वे ऐसे कंटेंट का निर्माण करते हैं और कलाकारों को फंसाते हैं। इस गाने को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी नोटिस जारी किया है। गीतकार रकीब आलम ने निर्देशकों पर आरोप लगाया कि उन्होंने कन्नड़ गाने का जबरदस्ती हिंदी में अनुवाद करवाया। हालांकि, इस विवाद में सबसे अधिक ध्यान नोरा फतेही पर ही है, जबकि संजय दत्त या फिल्म निर्माताओं पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फिलहाल, गृह मंत्रालय या अन्य विभागों से कोई आधिकारिक निर्णय नहीं आया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नोरा का वर्क परमिट रद्द होगा या डिपोर्ट की कार्रवाई की जाएगी।

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