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एक नज़र में पूरी खबर
- सिमडेगा जिले में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल द्वारा किया गया।
- मुख्य वक्ताओं ने सनातन समाज की एकता और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा पर जोर दिया, और समाज को विभाजित करने वाली शक्तियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
- कार्यक्रम के दौरान युवाओं से अपनी संस्कृति की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई और समाज को मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
सिमडेगा में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन
झारखंड के सिमडेगा जिले के सदर प्रखंड में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल जैसे विभिन्न हिंदू संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। सम्मेलन में स्थानीय निवासियों, युवाओं और समाजसेवियों की बड़ी संख्या ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और भारत माता की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई, जिसमें विहिप के जिला अध्यक्ष कौशल राज सिंह देव, नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, एबीवीपी के संगठन मंत्री निलेश कटारा और आरएसएस के जिला संघ चालक श्रवण बड़ाईक ने भाग लिया।
संस्कृति और एकता पर जोर
मुख्य वक्ताओं ने सनातन समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की रक्षा पर विशेष जोर दिया। विहिप के जिला अध्यक्ष कौशल राज सिंह देव ने कहा कि वर्तमान में कुछ शक्तियां समाज को विभाजित करने और उसकी मूल परंपराओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने सनातन समाज से एकजुट होकर अपनी पहचान को संरक्षित करने का आह्वान किया।
समरसता और एकजुटता का महत्व
पूर्व मुखिया शंकर महली ने ‘संगत और पंगत’ की परंपरा पर बल देते हुए कहा कि समाज का विकास समरसता और एकजुटता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि यदि कोई हमारी सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ जबरन नियम थोपने की कोशिश करे, तो उसका दृढ़ विरोध किया जाना चाहिए।
युवाओं की भूमिका
एबीवीपी के संगठन मंत्री निलेश कटारा ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने समाज को विभाजित करने की नकारात्मक कोशिशों से दूर रहने और एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
वीर शूरवीरों की याद
नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल ने महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे वीर शूरवीरों के आदर्शों को याद करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जागृत किया। आरएसएस के जिला संघ चालक श्रवण बड़ाईक ने संघ के 100 वर्षों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए ‘पंच परिवर्तन’ के महत्व पर जोर दिया।
सम्मान और संकल्प
कार्यक्रम के दौरान कई पहलुओं को सम्मानित किया गया और सभी प्रतिभागियों ने समाज को मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। शारदा धाम के संरक्षक त्रिलोचन प्रधान, आरएसएस के समी कुमार, पूर्व वार्ड पार्षद रामजी यादव, कमल सेनापति, संजीत कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। विहिप, आरएसएस, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के प्रयासों से यह कार्यक्रम सफल रहा।
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