गौतम गंभीर का डर और आशीष नेहरा की चेतावनी: यादगार बतख मांस घटना

Gautam Gambhir's Fear and Ashish Nehra's Warning: The Memorable Duck Meat Incident

एक नज़र में पूरी खबर

  • गौतम गंभीर ने आईपीएल 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी के दौरान पहले तीन मैचों में लगातार शून्य पर आउट होने का अनुभव साझा किया।
  • पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने गंभीर को सलाह दी कि वह डिनर में डक ऑर्डर करें, जिससे चौथी बार शून्य पर आउट होने से बच सकें।
  • गंभीर ने शाहरुख खान से बातचीत के दौरान खुद को प्लेइंग 11 से बाहर करने का विचार किया, लेकिन शाहरुख ने उन्हें खेलते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

गौतम गंभीर ने साझा किया आईपीएल का मजेदार किस्सा

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में आईपीएल 2014 के अपने अनुभव को साझा किया, जब उनकी शुरुआत बेहद खराब रही। उस समय उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी संभाली थी और पहले तीन मैचों में लगातार शून्य पर आउट हुए थे। इस दौरान, पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने गंभीर के लिए एक दिलचस्प सलाह दी थी। उन्होंने गंभीर को सुझाव दिया कि वह रात के खाने में डक ऑर्डर करें, ताकि चौथी बार शून्य पर आउट होने से बच सकें।

दिलचस्प डिनर बातचीत

गंभीर ने हरभजन सिंह के शो में इस मजेदार घटना का जिक्र करते हुए कहा, “दिल्ली के चार-पांच लड़के डिनर टेबल पर बैठे थे। आशीष नेहरा ने डक ऑर्डर किया और मुझसे कहा कि डिनर में डक खा लो, नहीं तो अगले मैच में फिर से डक मिल सकता है। मैंने बस थोड़ा सा चखा। उस मैच में मैंने एक रन बनाया और नेहरा ने मुझे उसके बाद मैसेज भी किया।”

शाहरुख खान के साथ बातचीत

गंभीर ने बताया कि लगातार तीसरी बार डक पर आउट होने के बाद उन्होंने अपनी टीम के को-ओनर शाहरुख खान से बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि वह खुद को प्लेइंग 11 से बाहर करने का विचार कर रहे थे, लेकिन शाहरुख इसके खिलाफ थे। गंभीर ने कहा, “2014 में अबू धाबी में मैंने आईपीएल की शुरुआत लगातार तीन डक के साथ की थी। चौथे मैच में मैंने एक रन बनाया। हमने अपने पहले पांच में से चार मैच हार दिए थे। हम गेम हारने के बाद रिट्ज कार्लटन लौट रहे थे। वह लॉबी में खड़े थे। उन्होंने मुझे साइड में ले जाकर पूछा कि क्या हो रहा है। मैंने कहा कि मैं खुद को बाहर करने का सोच रहा हूं।”

शाहरुख का समर्थन

गंभीर ने आगे कहा, “उन्होंने मुझसे कहा, ‘जब तक तुम यहां हो और खेलना चाहते हो, खुद को बाहर नहीं कर सकते।’ उन्होंने मुझसे वादा लिया कि जब तक मैं टीम में हूं, हर मैच खेलूंगा। उसके बाद मैंने लगातार दो-तीन हाफ सेंचुरी लगाईं और 2014 में हम जीते। कप्तानी के सात सालों में शाहरुख के साथ मेरी यही एक क्रिकेट की बातचीत थी।”

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