सार (Khas Baatein)
- मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण नागरिकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे घरेलू रसोई और रेस्तरां में खाना पकाने में कठिनाई उत्पन्न हो रही है।
- पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण भारत में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है, क्योंकि देश अपनी आवश्यकताओं का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है।
- सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है और सप्लाई बढ़ाने के लिए जहाज भेजे जा रहे हैं, लेकिन स्थिति सामान्य होने में काफी समय लग सकता है।
मुंबई: मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण नागरिकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू रसोई और रेस्तरां में खाना पकाने में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण भारत में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है, क्योंकि देश अपनी आवश्यकताओं का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। इस की अधिकांश सप्लाई हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होती है, जो वर्तमान में बंद जैसी स्थिति में है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया ने समस्या को और बढ़ा दिया है।
ट्विंकल खन्ना का स्मार्ट कदम
मुंबई के दर्शकों को घरेलू गैस सिलेंडर मिलने में कड़ी इच्छाओं का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नागरिक लंबी कतारों में खड़े हैं। रेस्तरां और होटल भी इस समस्या से अछूत नहीं हैं, और कुछ स्थानों पर कोयले या इंडक्शन स्टोव का सहारा लिया जा रहा है। दुकानों में इंडक्शन स्टोव की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे कीमतें भी बेतहाशा बढ़ गई हैं। स्टॉक भी तेजी से खत्म हो रहा है।
इस बीच, बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने इस विषय पर अपने विचार साझा किए हैं। मुंबई में एक इवेंट के दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि उनके घर में अभी तक कोई गंभीर समस्या नहीं आई है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, ‘अभी तक तो कोई समस्या नहीं है। मेरी पत्नी ने कल ही दो इंडक्शन ऑर्डर कर दिए हैं। वो घर पहुंच गए हैं या नहीं, यह मुझे पता नहीं।’
अक्षय कुमार की पत्नी, ट्विंकल खन्ना, ने इस स्थिति से निपटने के लिए स्मार्ट तरीके से तैयारी की है। उन्होंने बैकअप के रूप में दो इंडक्शन स्टोव मंगा लिए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि आम लोग भी विकल्प विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। अक्षय ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि लोग पहले से योजना बना रहे हैं। यह समस्या केवल मुंबई तक सीमित नहीं है; दिल्ली, पुणे और अन्य शहरों में भी हालात ऐसे ही हैं। होटल और कैटरर्स भी इस कमी के कारण परेशान हैं। कई स्थानों पर गैस को ब्लैक मार्केट में उच्च कीमतों पर बेचा जा रहा है।
सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है और सप्लाई बढ़ाने के लिए जहाज भेजे जा रहे हैं। हालांकि, स्थिति सामान्य होने में काफी समय लग सकता है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे गैस का उपयोग संयम से करें और आवश्यकता पड़ने पर इंडक्शन या अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग करें।
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