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सार (Khas Baatein)
- गोड्डा जिले में डायन बिसाही के आरोप में एक ही परिवार के तीन सदस्यों, जिसमें परिवार का मुखिया, उनकी पत्नी और 12 वर्षीय बेटा शामिल हैं, की निर्मम हत्या की गई।
- पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इस मामले को डायन बिसाही से संबंधित पाया और तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
- झारखंड में अंधविश्वास के कारण महिलाओं और परिवारों पर हिंसा की घटनाओं में वृद्धि के चलते सामाजिक जागरूकता और कड़ी कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है।
गोड्डा में अंधविश्वास के नाम पर तीन हत्याएं
गोड्डा: झारखंड के गोड्डा जिले में अंधविश्वास के एक गंभीर मामले का सामना करना पड़ा है, जहां डायन बिसाही के आरोप में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बड़े ही निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। इस घटना ने इलाके में भारी सदमा और आक्रोश पैदा कर दिया है। मृतकों में परिवार का मुखिया, उनकी पत्नी और 12 वर्षीय बेटा शामिल हैं।
घटना का विवरण
यह घटनाक्रम देर रात घटित हुआ, लेकिन ग्रामीणों को सुबह इसकी जानकारी हुई। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। पुलिस को जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। गोड्डा के एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी, देवदांड थाना प्रभारी अमित मार्की और पौड़याहाट थाना प्रभारी महावीर पंडित अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस की जांच कार्यवाही
पुलिस ने आसपास के निवासियों से पूछताछ की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतकों की पहचान परिवार के मुखिया दरबारी मुर्मू, उनकी पत्नी मक्कू बास्की और बेटे जीतनारायण मुर्मू के तौर पर हुई है। उनके परिवार में एक विवाहित बेटी सुनीता मुर्मू भी हैं, जो इस दर्दनाक घटना के कारण गहरे सदमे में हैं।
प्राथमिक जांच
एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह मामला डायन बिसाही से संबंधित प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं का गहराई से अध्ययन कर रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो मामले की तीव्रता से छानबीन कर रही है। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है, हालाँकि अभी तक किसी भी आधिकारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता
झारखंड में डायन बिसाही के मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के कारण महिलाओं और परिवारों पर हिंसा की घटनाएं आम हो गई हैं। इस ताजा घटना ने एक बार फिर सामाजिक जागरूकता और कड़ी कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
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