Table of Contents
सार (Khas Baatein)
- भाजपा ने ओडिशा में तीन राज्यसभा सीटों पर विजय प्राप्त की, जिसमें दो सीटें सुनिश्चित थीं और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे के समर्थन से हासिल की गई।
- मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने विपक्षी विधायकों की क्रॉस वोटिंग के लिए आभार व्यक्त किया, जो भाजपा के उम्मीदवारों के पक्ष में भारी बहुमत से मतदान किया।
- कांग्रेस और बीजेडी के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की पुष्टि की, जिससे भाजपा को अतिरिक्त सीट जीतने में मदद मिली।
ओडिशा में भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में हासिल की जीत
भुवनेश्वर। ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन राज्यसभा सीटों पर विजय प्राप्त की है। विधायकों की संख्या के हिसाब से भाजपा की दो सीटों पर जीत सुनिश्चित थी, जबकि विपक्षी पार्टी बीजेडी (बीजू जनता दल) की एक सीट भी सुरक्षित मानी जा रही थी। भाजपा ने तीसरी सीट के लिए निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे का समर्थन किया। विपक्षी विधायकों की क्रॉस वोटिंग ने भाजपा को यह सीट भी पाने में मदद की।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने इस जीत की घोषणा करते हुए मीडिया में अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आज ओडिशा राज्य के लिए एक विशेष दिन है। हमारे द्वारा प्रस्तुत सभी तीन उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव में सफल रहे हैं। भाजपा के उम्मीदवार मनमोहन सामल, सुजीत कुमार, और दिलीप रे ने अत्यधिक बहुमत से जीत हासिल की है।”
विपक्ष की क्रॉस वोटिंग
मुख्यमंत्री मांझी ने क्रॉस वोटिंग के लिए विपक्षी विधायकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और बीजेडी के विधायकों ने विकास के मार्ग पर ओडिशा को आगे बढ़ाने के लिए इन तीन उम्मीदवारों के पक्ष में भारी बहुमत से मतदान किया है। ये सभी राज्य की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
भाजपा के बढ़ते प्रभाव की कहानी
भाजपा ने चार विधानसभा सीटों के लिए दो उम्मीदवार प्रस्तुत किए थे, और एक सीट के लिए दिलीप रे को समर्थन दिया था। विधायकों की संख्या के अनुसार, भाजपा की दो सीटों का जीतना तय किया गया था, वहीं बीजेडी के लिए भी एक सीट सुरक्षित मानी जा रही थी। चौथी सीट को लेकर स्थिति तनावपूर्ण थी, जिसमें बीजेडी को कांग्रेस और वाम दल का समर्थन प्राप्त था। हालांकि, भाजपा ने तीन कांग्रेस और दो बीजेडी विधायकों को प्रभावित कर स्थिति को पलटने में सफल रही।
क्रॉस वोटिंग के मामले में खुलासे
वोटिंग के दौरान, कांग्रेस की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष भक्ता चरण दास ने क्रॉस वोटिंग की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के तीन विधायकों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया। इसी तरह, बीजेडी विधायक देवी रंजन त्रिपाठी ने भी खुले तौर पर बगावत स्वीकार की कि उन्होंने दिलीप रे को वोट दिया। इस पर एक और विधायक सौविक बिस्वाल की पत्नी ने भी जानकारी दी कि उनके पति ने पार्टी लाइन से भटकते हुए वोट दिया।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!