Table of Contents
सार (Khas Baatein)
- चीन ने सभी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है।
- चीन का कहना है कि बढ़ते तनाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति, और क्षेत्रीय शांति को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
- डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, ब्रिटेन, फ्रांस और जापान से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत तैनात करने की अपील की है।
चीन ने सैन्य तनाव को खत्म करने की अपील की
बीजिंग। पश्चिम एशिया में उभरते संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए चीन ने सभी देशों से तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है। यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन और अन्य देशों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत तैनात करने की अपील के बाद आया है।
ऊर्जा आपूर्ति पर संकट का खतरा
चीन का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति, और क्षेत्रीय शांति को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि सभी पक्षों को तुरंत सैन्य गतिविधियां रोकने की आवश्यकता है, ताकि स्थिति और बिगड़ न सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तनाव बढ़ता है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ेगा।
महत्वपूर्ण जलमार्ग पर संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य को विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर तेल और गैस की आपूर्ति के लिए किया जाता है। हाल ही में अमेरिका और इस्राइल द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद ईरान ने इस जलमार्ग को लगभग बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, विश्व में तेल की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति जारी रहती है, तो वैश्विक ऊर्जा संकट और भी गहरा सकता है।
अमेरिकी अपील और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से चीन, ब्रिटेन, फ्रांस और जापान से अपील की है कि वे अपने युद्धपोतों को तैनात करके इस जलमार्ग को सुरक्षित और खुला रखें। ट्रंप ने जोर देकर कहा है कि यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस संदर्भ में नए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाए जाएंगे ताकि तेल टैंकरों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए।
चीन और ईरान के संबंध
चीन को ईरान का करीबी साझेदार माना जाता है, और वह वहां से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता है। चीन अक्सर ईरानी तेल को अपेक्षाकृत सस्ते दाम पर प्राप्त करता है। हाल ही में किए गए अमेरिका और इस्राइल के हमलों के प्रति चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, विशेषकर ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई की मौत के संदर्भ में। ऐसे में होर्मुज संकट के बीच चीन की भूमिका को वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!