Table of Contents
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
हाल ही में रांची के हिंदपीढ़ी क्षेत्र में एक परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 16 वर्षीय किशोर मो जैद ने अपने सपनों और विश्वास की कीमत 23 लाख रुपये चुकाई है। पढ़ाई और निवेश का झांसा देने वाले एक व्यक्ति अमन हाशमी के संपर्क में आने के बाद उसे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि मानसिक दबाव और तनाव का भी सामना करना पड़ा।
किशोर की अमन हाशमी से मुलाकात
मो जैद की पहचान अमन हाशमी से तब हुई जब उसने खुद को एक छात्र और व्यवसायी के रूप में पेश किया। अमन ने पढ़ाई के बहाने जैद को कांटाटोली स्थित फ्लैट पर बुलाया और निवेश करने का प्रस्ताव दिया। पहले तीन लाख रुपये का निवेश करने पर जैद को छह लाख रुपये की वापसी मिली, जिससे उसका विश्वास बढ़ा।
बढ़ते आर्थिक दबाव
जैद ने अपने पिता कमरून निशा की सहमति से और पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, और क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके लगभग 23 लाख रुपये अमन हाशमी को दे दिए। यहां तक कि, उसे अपनी दोपहिया वाहन बेचने के लिए भी मजबूर होना पड़ा।
पैसे की वसूली में टालमटोल
जब जैद ने अपनी रकम वापस मांगी, तो अमन ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। बाद में उन्होंने उसे दिल्ली ले जाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी भी दी।
पिता की मानसिक स्थिति पर असर
इस आर्थिक नुकसान और तनाव को जैद के पिता मजहर आलम सहन नहीं कर सके। उनकी तबीयत बिगड़ने के कारण ब्रेन हेमरेज हुआ, जिससे उनका निधन हो गया।
जैद पर मानसिक दबाव जारी
अमन हाशमी और उसके पिता फिरोज अहमद ने जैद को पत्र भेजकर लगातार मानसिक प्रताड़ना देना जारी रखा है, जिससे किशोर की मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है।
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में कमरून निशा ने पुलिस से गंभीर जांच करने और ठगी गई राशि की वसूली की अपील की है। हिंदपीढ़ी थाने ने मामला दर्ज कर आरोपियों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह घटना हमारे समाज में बढ़ती ठगी की प्रवृत्ति को दर्शाती है, जो न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रही है।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!