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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का प्रभाव अब भारत में भी महसूस किया जा रहा है। पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति में होने वाली संभावित रुकावट के मद्देनजर विभिन्न क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
आईपीएल 2026 को लेकर चर्चा
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष अरुण धूमल के अनुसार, वर्तमान स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति में बदलाव होता है, तो लीग की योजना में समुचित संशोधन किया जाएगा।
अरुण धूमल का बयान
धूमल ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए किसी अंतिम निर्णय पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि लीग प्रबंधन हर घटनाक्रम पर नज़र रखता है और सही समय पर उचित निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल स्थिति की समीक्षा की जा रही है और सभी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
पश्चिम एशिया संघर्ष का असर
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष ऊर्जा सप्लाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। इस वजह से एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। बेंगलुरु और चेन्नई के कई होटल मालिकों ने बताया कि उनके पास केवल एक या दो दिन का एलपीजी का स्टॉक बचा है। कुछ होटलों ने गैस की खपत कम करने के लिए अपने मेन्यू में भी बदलाव किया है।
आईपीएल शेड्यूल पर चर्चा
आईपीएल 2026 का कार्यक्रम अभी तक घोषित नहीं किया गया है, लेकिन अटकलें हैं कि यह 28 मार्च से शुरू हो सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आगामी शेड्यूल को अंतिम रूप देने में जुटा है ताकि कुछ राज्यों में होने वाले चुनावों से टकराव न हो। हालांकि, अगर ऊर्जा आपूर्ति या लॉजिस्टिक्स में कोई समस्या आती है, तो इसका प्रभाव आईपीएल पर भी पड़ सकता है।
टीमों ने शुरू किए प्रशिक्षण शिविर
इस बीच, आईपीएल की तैयारी जारी है। चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स जैसी कई फ्रेंचाइजी अपने प्रशिक्षण शिविर आरंभ कर चुकी हैं। चेन्नई का शिविर हाल ही में टीम के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में चल रहा है, जहां प्रतिदिन करीब दस खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। दूसरी ओर, पंजाब किंग्स ने धर्मशाला में एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया है, जिसमें कई खिलाड़ी शामिल हुए।
सरकार की पहलें
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ध्यान में रखते हुए रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है और गैस की बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतर तय किया गया है। अस्पताल और शिक्षा संस्थान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। होटल और अन्य उद्योगों के लिए आपूर्ति पर फैसला एक विशेष समिति द्वारा लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी की आपातकालीन बैठक
इस संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल और विदेश मंत्रियों के साथ एक आपातकालीन बैठक की है। सरकार ने घरेलू ग्राहकों के लिए सिलेंडर की पर्याप्तता सुनिश्चित करने के लिए एस्मा लागू किया है, ताकि औद्योगिक आपूर्ति में कटौती की जा सके और आम जनता की नाराजगी कम हो सके।
औद्योगिक इकाइयों की आपूर्ति में कमी
भारत सरकार ने आवश्यक सेवा प्रबंधन अधिनियम (एस्मा) को लागू कर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कमी को नियंत्रित करने का प्रयास किया है। सरकार का प्राथमिक ध्यान नागरिकों के घरों तक गैस पहुंचाने पर है। इस कानून के अंतर्गत सुनिश्चित किया गया है कि बाजार में उपलब्ध गैस का बड़ा हिस्सा घरेलू उपभोक्ताओं को मिले। किल्लत को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक यूनिट्स की आपूर्ति में कटौती की गई है।
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