राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया संकट पर मोदी सरकार की आलोचना की

by Ananya Singh
Rahul Gandhi launches scathing attack on Modi government over West Asia crisis

राहुल गांधी का सरकार पर हमला: पश्चिम एशिया संकट की अनदेखी

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर केंद्र सरकार की चुप्पी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह संकट भारत की अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है, फिर भी सरकार इस पर चर्चा करने से बच रही है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत

राहुल गांधी ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है, जो भारत को सीधा प्रभावित करेगा। उन्होंने हाल ही में शेयर बाजार में आई गिरावट की ओर इशारा करते हुए कहा कि बाजार ने पहले से ही इस संकट के प्रभाव को महसूस कर लिया है।

संसद में चर्चा की आवश्यकता

कांग्रेस नेता ने यह प्रश्न उठाया कि क्या पश्चिम एशिया का मामला इतना महत्वहीन है कि संसद में इस पर चर्चा नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में वृद्धि और इसके संभावित आर्थिक प्रभाव जैसे मुद्दे सीधे जनता से जुड़े हैं और इन्हें संसद में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

प्रधानमंत्री पर आरोप

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि हाल में अमेरिका के साथ हुए समझौते ने भारत को कमजोर स्थिति में ला दिया है। उनके अनुसार, यह समझौता किसी दबाव का नतीजा हो सकता है। यदि संसद में इस विषय पर बहस होती, तो सरकार की स्थिति स्पष्ट हो जाती।

प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री संसद से बच रहे हैं और अब वे सदन के अंदर नहीं आ पाएंगे।

विदेश मंत्री का बयान

इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में पश्चिम एशिया की स्थिति पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एवं राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है।

भारत की नीति

जयशंकर ने यह भी बताया कि भारत पश्चिम एशिया के देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है और तनाव कम करने के लिए कूटनीति और संवाद के माध्यम से हल निकालने का समर्थन करता है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

उन्होंने बताया कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 67,000 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, और सरकार लगातार हालात पर नजर रखे हुए है। सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, और नागरिकों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है।

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